"नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकें अब Yes24 कोरिया पर उपलब्ध | सनातन वैष्णव बैरागी इतिहास"

सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी एवं इतिहासकार नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा पर आधारित पुस्तकें अब दक्षिण कोरिया के Yes24 बुकस्टोर पर उपलब्ध। पूर्ण मूल्य-सूची व विवरण यहाँ पढ़ें।

Sanatan History & Heritage4 min read

रामनगर के फौजी ने रच दिया इतिहास: 190 देशों के बाद अब कोरिया के Yes24 पर छाईं सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा की पुस्तकें!
हरियाणा के सोनीपत जनपद की गन्नौर तहसील में बसा एक छोटा-सा गाँव — रामनगर। यहीं की मिट्टी में जन्मे एक साधारण किसान-परिवार के पुत्र ने वह कर दिखाया, जो इतिहास की पाठ्यपुस्तकें अब तक नहीं कर पायीं। नरेश दास वैष्णव निम्बार्क — सेवानिवृत्त नायब सूबेदार, भारतीय सेना, कारगिल युद्ध के प्रत्यक्षदर्शी योद्धा, सिएरा लियोन में संयुक्त राष्ट्र शांति-मिशन के सैनिक — आज विश्व के 190 से अधिक देशों में अपनी लेखनी के माध्यम से सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा का गौरवशाली इतिहास पहुँचा चुके हैं। और अब, इस यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ गया है — दक्षिण कोरिया का प्रतिष्ठित ऑनलाइन बुकस्टोर Yes24।
बंदूक से कलम तक की यात्रा
24 वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले इस सैनिक ने सेवानिवृत्ति के पश्चात अपना जीवन-लक्ष्य बदल दिया। बंदूक अब कलम बनी, और युद्धभूमि का अनुशासन शोध-कार्य की नींव बना। पिछले 18 वर्षों से नरेश दास वैष्णव निम्बार्क सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के गहन अध्ययन में लीन हैं — वह परंपरा जो 5122 वर्षों से भक्ति, वीरता और सेवा का अद्भुत संगम रही है, परन्तु जिसे इतिहास के पन्नों में वह स्थान नहीं मिला जिसकी वह अधिकारी थी।
उनके शोध के केंद्र में हैं — वीर बंदा बैरागी और 1710 की सरहिंद क्रांति, जगद्गुरु निम्बार्काचार्य जी और निम्बार्क संप्रदाय का इतिहास, वैष्णव बैरागी राजाओं का 200 वर्षों का शासन, 1857 की क्रांति में बैरागी योद्धाओं का योगदान, ब्रिटिश अभिलेखों में सनातन वैष्णव बैरागी समाज का उल्लेख, तथा स्वयं अपने पैतृक गाँव रामनगर का 422 वर्षों का अनसुना इतिहास।
गाँव की चौपाल से राष्ट्रीय मंच तक
बीते 22 जून 2026 को रामनगर, गन्नौर, सोनीपत की पावन चौपाल में इन पुस्तकों का भव्य विमोचन-समारोह आयोजित हुआ। भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री दिनेश स्वामी मुख्य अतिथि रहे, जबकि पूर्व चेयरमैन गन्नौर नगर पालिका श्री ईश्वर कश्यप ने अध्यक्षता की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मास्टर जगबीर वैष्णव उपस्थित रहे, तथा रामनगर की वर्तमान सरपंच श्रीमती सुदेश कुमारी, धर्मपत्नी श्री बलराज छोकर, भी इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद रहीं। समारोह का मंच-संचालन श्री रवीन्द्र स्वामी ने किया। गाँव की उस साधारण चौपाल से उठी यह आवाज़ आज राष्ट्रीय समाचारपत्रों की सुर्खियाँ बन चुकी है — और अब अंतरराष्ट्रीय बुकस्टोर्स की अलमारियों तक जा पहुँची है।
Yes24 के विषय में संक्षिप्त परिचय
Yes24 दक्षिण कोरिया (South Korea) की कंपनी है, जिसका मुख्यालय सियोल में स्थित है। 1998 में स्थापित यह संस्था आज दक्षिण कोरिया का सबसे बड़ा और सर्वाधिक विश्वसनीय ऑनलाइन बुकस्टोर मानी जाती है। भौगोलिक दृष्टि से दक्षिण कोरिया पूर्वी एशिया क्षेत्र में स्थित है — अर्थात यह उपलब्धि भारत की सीमाओं को लांघकर सीधे एशिया महाद्वीप के एक प्रमुख सांस्कृतिक-व्यापारिक केंद्र तक पहुँची है, जहाँ पुस्तकों के साथ-साथ टिकट-बुकिंग, संगीत एवं ई-बुक सेवाएँ भी संचालित होती हैं।
कोरिया में क्यों है यह उपलब्धि विशेष?
किसी भारतीय ग्रामीण पृष्ठभूमि के लेखक की सनातन धर्म-आधारित शोध-पुस्तकों का Yes24 जैसे प्रतिष्ठित मंच पर सूचीबद्ध होना, यह दर्शाता है कि भारत की आध्यात्मिक विरासत अब केवल पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं, अपितु पूर्वी एशिया के गम्भीर पाठकों तक भी अपनी पहुँच बना रही है।
वर्तमान में Yes24 पर लेखक की कुल छह पुस्तकें, ग्यारह विभिन्न संस्करणों (Case व Perfect बाइंडिंग) में सूचीबद्ध हैं — सभी Direct-Import Foreign Book श्रेणी में, POD (Print-on-Demand) मुद्रित प्रति के रूप में उपलब्ध।
Yes24 कोरिया — प्रामाणिक मूल्य-सूची
क्र.सं.
पुस्तक का नाम
संस्करण
प्रकाशन-तिथि
मूल्य (KRW)

1
यात्रा: बंदूक से कलम तक
Case (हिंदी)
2026.05.20
50,350원

2
यात्रा: बंदूक से कलम तक
Perfect (हिंदी)
2026.05.20
32,910원

3
महंत बने महाराजा
Case (हिंदी)
2026.04.30
42,600원

4
महंत बने महाराजा
Perfect (हिंदी)
2026.04.30
25,160원

5
जगद्गुरु निम्बार्काचार्य: सनातन के सूर्य
Case (हिंदी)



6
जगद्गुरु निम्बार्काचार्य: सनातन के सूर्य
Perfect (हिंदी)
2026.06.09
40,660원

7
Rosary and the Throne
Case (अंग्रेज़ी)
2026.06.15
44,540원

8
Rosary and the Throne
Perfect (अंग्रेज़ी)
2026.06.14
23,230원

9
रामनगर: 422 वर्षों का अनसुना इतिहास
Case (हिंदी)
2026.05.18
44,540원

10
रामनगर: 422 वर्षों का अनसुना इतिहास
Perfect (हिंदी)
2026.05.17
27,100원

11
स्वर्णप्रस्था की गाथा
Case (हिंदी)
2026.06.19
73,600원

(दरें एवं उपलब्धता समय-समय पर परिवर्तित हो सकती हैं। अद्यतन एवं सटीक मूल्य के लिए सदैव Yes24 के आधिकारिक पृष्ठ का अवलोकन करें।)
एक सैनिक का संकल्प, एक शोधार्थी की तपस्या
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क का यह कार्य केवल पुस्तक-लेखन नहीं है — यह उन लाखों वैष्णव बैरागियों को न्याय दिलाने का प्रयास है, जिन्होंने इस देश के लिए जिया, लड़े और बलिदान हुए, परन्तु जिन्हें इतिहास ने विस्मृत कर दिया। एक सैनिक का अनुशासन और एक शोधार्थी की धैर्यशीलता — यही वह संयोग है जिसने इस कार्य को संभव बनाया।
उनके शब्दों में:
“सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा का गौरवशाली इतिहास आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना ही मेरा जीवन लक्ष्य है।”
रामनगर की धरती से निकली यह आवाज़ आज विश्व-पटल पर गूँज रही है। यह न केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि है, अपितु सम्पूर्ण सनातन वैष्णव बैरागी समाज के लिए गौरव का विषय है।

स्रोत / संदर्भ: यह समाचार AIMA Media पर भी प्रकाशित है —
https://aimamedia.org/newsdetails.aspx?type=Share&nid=685539
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रामनगर गन्नौर सोनीपत की चौपाल में 22 जून 2026 को कारगिल योद्धा व UN Peacekeeper नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकों का भव्य विमोचन — हरिभूमि व एक्शन इंडिया में प्रकाशित — 190 देशों में पठनीय।