परिचय
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क एक भारतीय लेखक, स्वतंत्र शोधकर्ता और सनातन वैष्णव इतिहासकार हैं, जो वर्षों से सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा और निम्बार्क संप्रदाय के आध्यात्मिक, सामाजिक और ऐतिहासिक योगदानों के अध्ययन तथा दस्तावेजीकरण में सक्रिय हैं। उनका उद्देश्य उन ऐतिहासिक तथ्यों को प्रमाण सहित प्रस्तुत करना है, जिन्हें समय के साथ उपेक्षित या भुला दिया गया।
इस विषय पर उनका एक महत्वपूर्ण शोध पढ़ें:
https://www.nareshswaminimbark.in
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सैन्य जीवन
उन्होंने भारतीय सेना में लगभग 24 वर्षों तक सेवा की और नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र सेवा का दायित्व निभाया। सेना से प्राप्त अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा ने उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को गहराई से प्रभावित किया।
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शोध यात्रा
पिछले 18 वर्षों से वे निरंतर सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के इतिहास पर कार्य कर रहे हैं। उनका शोध विशेष रूप से निम्बार्क संप्रदाय, वैष्णव संतों की परंपरा और बैरागी योद्धाओं के योगदान पर केंद्रित है।
महाभारत से जुड़ा उनका एक विश्लेषण भी पढ़ें:
https://www.nareshswaminimbark.in/blogs/kuru-dynasty-destruction-bhishma-vow
वे ऐतिहासिक स्रोतों, परंपरागत ज्ञान और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर उन पहलुओं को सामने ला रहे हैं, जो मुख्यधारा के इतिहास में पर्याप्त रूप से स्थान नहीं पा सके।
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ऐतिहासिक दृष्टि
उनका मानना है कि सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं रही, बल्कि विभिन्न कालखंडों में सामाजिक संरचना, धार्मिक संरक्षण और सांस्कृतिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। उनके शोध का एक प्रमुख उद्देश्य इन योगदानों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करना है।
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प्रकाशन
उन्होंने हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में कई पुस्तकें लिखी हैं, जो विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। प्रमुख कृतियाँ निम्नलिखित हैं:
यात्रा: बंदूक से कलम तक
महंत बने महाराजा
Nimbark Sampraday: Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition
Sanatan Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers
इन पुस्तकों को आप निम्न प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं:
Google Books: https://books.google.com
Amazon: https://www.amazon.in
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डिजिटल पहल
डिजिटल माध्यमों के माध्यम से वे अपने शोध और विचारों को व्यापक समाज तक पहुंचा रहे हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने “सनातन भारत – नया सवेरा” नामक हिंदी मासिक पत्रिका की स्थापना की, जो सनातन वैष्णव परंपरा, इतिहास और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित शोधपूर्ण सामग्री प्रस्तुत करती है।
इस पत्रिका और अन्य लेखों को उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है:
https://www.nareshswaminimbark.in
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उद्देश्य
उनका लक्ष्य सनातन परंपराओं को प्रमाण आधारित दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना, वैष्णव संतों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को सामने लाना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। वे मानते हैं कि इतिहास केवल अतीत का वर्णन नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए दिशा देने वाला आधार है।
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समापन
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क का कार्य एक सतत प्रयास है, जिसका उद्देश्य सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के इतिहास, उसके मूल्यों और उसके योगदान को व्यापक स्तर पर स्थापित करना है।
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Naresh Das Vaishnav Nimbark
Author | Researcher | Ex-Indian Army | Sanatan Vaishnav Bairagi Historian
Website: https://www.nareshswaminimbark.in
