गाँव की चौपाल से राष्ट्रीय समाचारपत्र तक — रामनगर में कारगिल योद्धा नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकों का भव्य विमोचन

रामनगर गन्नौर सोनीपत की चौपाल में 22 जून 2026 को कारगिल योद्धा व UN Peacekeeper नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकों का भव्य विमोचन — हरिभूमि व एक्शन इंडिया में प्रकाशित — 190 देशों में पठनीय।

Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition4 min read

गाँव की चौपाल से राष्ट्रीय समाचारपत्र तक
रामनगर में कारगिल योद्धा नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकों का भव्य विमोचन
स्थान: रामनगर, गन्नौर, सोनीपत (हरियाणा) | दिनांक: 22 जून 2026

गाँव की चौपाल से राष्ट्रीय समाचारपत्र तक — यह केवल एक समाचार नहीं, यह उस संकल्प की विजयगाथा है जो कारगिल की बर्फीली चोटियों पर जन्मा और सिएरा लियोन की बंदी से परिपक्व हुआ।

वर्ष 1999 — कारगिल की बर्फीली चोटियों पर एक भारतीय सैनिक ने तिरंगे की रक्षा की।
वर्ष 2000 — सिएरा लियोन में उग्रवादियों ने बंदी बनाया — मृत्यु को आँखों में देखा।
उसी क्षण बंदूक छूट गई — और कलम उठ गई।

रामनगर, गन्नौर, सोनीपत (हरियाणा) की पावन चौपाल में 22 जून 2026 को सेवानिवृत्त नायब सूबेदार, कारगिल योद्धा, UN Peacekeeper एवं अंतरराष्ट्रीय लेखक नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकों का भव्य विमोचन समारोह संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं था — यह उस गाँव का उत्सव था जो स्वयं 422 वर्षों के इतिहास को अपनी छाती पर लिए खड़ा है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथिगण
मुख्य अतिथि —
भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री दिनेश स्वामी
अध्यक्षता —
पूर्व चेयरमैन, गन्नौर नगर पालिका — श्री ईश्वर कश्यप
अति विशिष्ट अतिथि —
मास्टर जगबीर वैष्णव
वर्तमान सरपंच —
श्रीमती सुदेश कुमारी — धर्मपत्नी श्री बलराज छोकर
मंच संचालन —
रवीन्द्र स्वामी

विमोचित पुस्तकें — जो विश्व का दृष्टिकोण बदल रही हैं
इस भव्य समारोह में निम्नलिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया —

1. यात्रा बंदूक से कलम तक
एक कारगिल योद्धा के जीवन की प्रेरणादायक गाथा — जो रणभूमि से साहित्य की साधना तक की अद्भुत यात्रा का प्रामाणिक दस्तावेज़ है।
2. रामनगर — 422 वर्षों का अनसुना इतिहास
हरियाणा के सोनीपत जिले की गन्नौर तहसील का एक छोटा-सा गाँव — रामनगर। परंतु इसका इतिहास किसी साम्राज्य से कम नहीं। 422 वर्षों की अखंड वैष्णव परंपरा को एक सेवानिवृत्त सैनिक ने अपनी कलम की साधना से पुनर्जीवित किया है।
3. स्वर्णप्रस्थ की गाथा — 3526 वर्ष पुराना महाभारतकालीन नगर सोनीपत
जब रोम की नींव का पहला पत्थर भी नहीं रखा गया था — तब स्वर्णप्रस्थ अर्थात् आज का सोनीपत पहले से ही सभ्यता की जीवंत धड़कन था। यह पुस्तक उस गौरवशाली सत्य को विश्व के सामने रखती है जिसे आधुनिक इतिहासकारों ने सदैव अनदेखा किया।
4. जगतगुरु निम्बार्काचार्यजी
निम्बार्क संप्रदाय के संस्थापक जगतगुरु निम्बार्काचार्यजी के जीवन, दर्शन एवं परंपरा का प्रामाणिक एवं शास्त्रसम्मत विवेचन।
5. रणभूमि से तीर्थभूमि तक
वैष्णव बैरागी योद्धाओं की उस अविस्मरणीय गाथा का दस्तावेज़ — जो रणभूमि पर लड़े और तीर्थभूमि की रक्षा की।
6. Nimbark Sampraday — Vaishnav Bairagi Tradition (अंग्रेज़ी)
वैश्विक पाठकों के लिए अंग्रेज़ी में — निम्बार्क संप्रदाय एवं वैष्णव बैरागी परंपरा का सम्पूर्ण प्रामाणिक इतिहास। लंदन की Foyles पुस्तकालय सहित विश्व के 190 देशों में उपलब्ध।

विशिष्ट अतिथियों के उद्गार
मुख्य अतिथि श्री दिनेश स्वामी ने कहा —
"यह पुस्तकें भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं।"

अध्यक्ष श्री ईश्वर कश्यप ने कहा —
"नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकें सनातन संस्कृति, इतिहास और राष्ट्र चेतना को संरक्षित करने का संदेश देती हैं।"

लेखक नरेश दास वैष्णव निम्बार्क ने कहा —
"18 वर्षों के अथक शोध के बाद सोनीपत के महाभारतकालीन इतिहास तथा रामनगर के 422 वर्षों के अनसुने इतिहास को पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह शोध केवल एक गाँव या एक संप्रदाय का नहीं — यह सम्पूर्ण सनातन परंपरा का प्रामाणिक दस्तावेज़ है।"

राष्ट्रीय समाचारपत्रों में प्रकाशित — 22 जून 2026
हरिभूमि — रोहतक सोनीपत संस्करण — पृष्ठ 3
एक्शन इंडिया — पृष्ठ 9

समाचार लिंक —
https://aimamedia.org/newsdetails.aspx?nid=678663
https://aimamedia.org/newsdetails.aspx?nid=678884

लेखक परिचय — नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
हरियाणा के सोनीपत जिले की गन्नौर तहसील के रामनगर गाँव में जन्मे नरेश दास वैष्णव निम्बार्क का जीवन स्वयं एक महाकाव्य है। एक सैनिक से इतिहासकार तक की यह यात्रा — बंदूक से कलम तक — सनातन धर्म की उस परंपरा का प्रतीक है जो सेवा, साधना और सत्य के तीन स्तंभों पर टिकी है।

सेवानिवृत्त नायब सूबेदार — भारतीय सेना (24 वर्षों की निष्ठापूर्ण राष्ट्रसेवा — 1984 से 2008)
कारगिल युद्ध विजेता — ऑपरेशन विजय (1999) में प्रत्यक्ष भागीदारी
UN Peacekeeper — सिएरा लियोन (2000) — उग्रवादियों की बंदी से जन्मी कलम की साधना
18 वर्षों से अधिक का स्वतंत्र ऐतिहासिक शोध — अभिलेखागारों पर आधारित
18 से अधिक पुस्तकें — Amazon KDP (अंग्रेज़ी) व Notion Press (हिंदी) पर प्रकाशित
190 देशों तक विस्तृत पाठक वर्ग — अंतरराष्ट्रीय लेखक के रूप में मान्यता
लंदन की Foyles पुस्तकालय में पुस्तकें उपलब्ध
मासिक पत्रिका 'सनातन भारत — नया सवेरा' का संपादन एवं प्रकाशन (निःशुल्क)

"बंदूक की छाँव में जिसने राष्ट्र की देह को सींचा,
कलम उठाकर उसने सनातन के सत्य को अमर किया।"

पुस्तकें प्राप्त करें
Foyles, London — Click & Collect (£5.17)
Amazon KDP — विश्वभर में डिजिटल एवं मुद्रित प्रारूप में उपलब्ध
Notion Press — हिंदी पुस्तकें भारत में उपलब्ध
www.nareshswaminimbark.in

सनातन था। सनातन है। सनातन रहेगा।
जय श्री राधे राधे! जय श्री कृष्णा!

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