# शौर्य से शब्द तक: नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की 22 पुस्तकों की यात्रा
**नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की लेखनी से सनातन इतिहास और भारतीय विरासत का विश्व तक सफर**
10 हिन्दी पुस्तकें | 12 अंग्रेज़ी पुस्तकें | 22 प्रकाशित पुस्तकें
एक सैनिक के हाथ में बंदूक हो तो वह सीमा की रक्षा करता है, लेकिन वही सैनिक जब हाथ में कलम उठाता है तो इतिहास की स्मृतियों को सुरक्षित करने का प्रयास करता है।
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की लेखकीय यात्रा इसी भाव से जुड़ी है।
भारतीय सेना में सेवा के बाद इतिहास, सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति, तीर्थ और वैष्णव बैरागी परंपरा से जुड़े विषयों पर अध्ययन एवं लेखन की यात्रा आगे बढ़ी। आज इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है — 22 प्रकाशित पुस्तकें।
इनमें 10 हिन्दी और 12 अंग्रेज़ी पुस्तकें शामिल हैं।
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## 22 पुस्तकों का पुस्तक-संग्रह
### हिन्दी की 10 पुस्तकें
**1. रामनगर: 422 वर्षों का अनसुना इतिहास**
रामनगर के इतिहास और स्थानीय विरासत पर केंद्रित शोधकार्य।
लिंक: https://store.pothi.com/book/ebook-naresh-das-vaishnav-nimbark-%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-422-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A4%B7-%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%87%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%B8/
**2. स्वर्णप्रस्थ की गाथा: सोनीपत का 3526 वर्ष पुराना अनसुना महाभारतकालीन इतिहास**
प्राचीन स्वर्णप्रस्थ और सोनीपत के ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित कृति। (ISBN: 9798904518455)
लिंक: https://amzn.in/d/06R2zVhI
**3. यात्रा: बंदूक से कलम तक — भाग–1**
सैनिक जीवन से लेखन और शोध की ओर बढ़ती जीवन-यात्रा।
लिंक: https://amzn.in/d/0hhDVGKA
**4. रणभूमि से तीर्थ भूमि तक**
लिंक: https://amzn.in/d/02u1UcDn
**5. सनातन अयोध्या — श्रीराम की जन्मभूमि और भारतीय सभ्यता**
अयोध्या, श्रीराम की जन्मभूमि और भारतीय सभ्यता से जुड़े ऐतिहासिक विषयों पर शोध।
लिंक: https://doi.org/10.5281/zenodo.22042803
**6. सनातन अयोध्या खंड–2: रामजन्मभूमि की रक्षा में वैष्णव बैरागी अखाड़ों का योगदान**
रामजन्मभूमि के इतिहास में वैष्णव बैरागी अखाड़ों की भूमिका पर केंद्रित शोध।
लिंक: https://zenodo.org/records/22901093
**7. जगतगुरु निम्बार्काचार्य: सनातन के सूर्य**
निम्बार्काचार्य, उनके दर्शन और परंपरा पर केंद्रित पुस्तक।
लिंक: https://amzn.in/d/07vDRmPP
**8. सनातन कुरुक्षेत्र**
कुरुक्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और धार्मिक परंपरा पर आधारित कृति। (ISBN: 9798906430908)
लिंक: https://amzn.in/d/000vIEnZ
**9. महंत बने महाराजा: सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा**
वैष्णव बैरागी परंपरा और उससे जुड़े ऐतिहासिक राजपरंपरागत प्रसंग।
लिंक: https://amzn.in/d/0fNowLco
**10. सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा — वेदों से आधुनिक भारत तक**
वैष्णव बैरागी परंपरा की ऐतिहासिक यात्रा का व्यापक अध्ययन।
लिंक: https://amzn.in/d/04pLpXM5
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### अंग्रेज़ी की 12 पुस्तकें
**11. Sanatana Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers**
लिंक: https://amzn.in/d/0jltTQcm
**12. Nimbarka Sampradaya: Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition**
लिंक: https://amzn.in/d/0d7PsyZD
**13. The Vaishnav Bairagi Kings of India** (ASIN: B0GZCBTYQN)
लिंक: https://amzn.in/d/00cpsj7g
**14. Rosary and the Throne: The Vaishnav Bairagi Rulers** (ISBN: 9798905107450)
लिंक: https://amzn.in/d/0a0tQ5Mo
**15. Jagatguru Nimbarkacharya: The Sun of Sanatan Dharma**
लिंक: https://amzn.in/d/009w7qK6
**16. The Saga of Swarnprastha** (ISBN: 9798904310592)
लिंक: https://store.pothi.com/book/ebook-naresh-das-vaishnav-nimbark-the-epic-swarnaprastha-the-legend-3526-years-old-untold-history-sonipat/
**17. Sanatan Ayodhya: Volume–1 — The Birthplace of Sri Ram and Indian Civilisation**
लिंक: https://amzn.in/d/0iJ2RGHv
**18. Sanatan Ayodhya: Volume–2 — Contribution of Vaishnav Bairagi Akharas**
लिंक: https://play.google.com/store/books/details/Naresh_Das_Vaishnav_Nimbark_SANATAN_AYODHYA_VOLUME?id=DpoPEgAAQBAJ
**19. Ramnagar: 422 Years of Untold History**
लिंक: https://amzn.in/d/05Tsv1sR
**20. Sanatan Kurukshetra — English Edition**
लिंक: https://amzn.in/d/05vQWbzn
**21. Mahant Bane Maharaja — English Edition**
लिंक: https://amzn.in/d/08wMG7Na
**22. Yatra: From Gun to Pen — English Edition**
लिंक: https://amzn.in/d/0942GwFq
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## सनातन अयोध्या — दो खंड, एक महत्वपूर्ण शोध-यात्रा
22 पुस्तकों में सनातन अयोध्या के दोनों खंड विशेष महत्व रखते हैं।
खंड–1 में श्रीराम की जन्मभूमि, अयोध्या का इतिहास और भारतीय सभ्यता से जुड़े विभिन्न पक्षों का अध्ययन है।
खंड–2 में रामजन्मभूमि की रक्षा में वैष्णव बैरागी अखाड़ों के योगदान को केंद्र में रखा गया है। इसमें ऐतिहासिक स्रोतों, न्यायिक अभिलेखों, परंपरागत विवरणों और उपलब्ध शोध-सामग्री के आधार पर विषय को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
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## इतिहास से जुड़े अनेक विषय, एक लेखकीय ध्येय
इन 22 पुस्तकों में विषयों की विविधता दिखाई देती है — अयोध्या और रामजन्मभूमि, वैष्णव बैरागी परंपरा, निम्बार्काचार्य, कुरुक्षेत्र, स्वर्णप्रस्थ, रामनगर, वैष्णव बैरागी राजपरंपरा, तीर्थयात्राएँ और सैनिक जीवन।
इन सबके बीच एक साझा उद्देश्य है — भारतीय इतिहास और सनातन परंपरा से संबंधित सामग्री को पुस्तक रूप में सुरक्षित करना और पाठकों तक पहुँचाना।
लेखन में उपलब्ध स्रोतों और दस्तावेजों को महत्व दिया गया है। जहाँ किसी विषय पर परंपरागत या मौखिक सामग्री है, वहाँ उसे उसी रूप में समझना आवश्यक है; इतिहास में प्रमाण और परंपरा के बीच अंतर बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
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## भारत से विश्व के पाठकों तक
आज इन पुस्तकों के सार्वजनिक रिकॉर्ड और पुस्तक-विक्रय मंच भारत के साथ-साथ अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, नीदरलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के मंचों पर भी दिखाई देते हैं।
हिन्दी के साथ अंग्रेज़ी संस्करण प्रकाशित करने का उद्देश्य भारतीय इतिहास और सनातन परंपरा से संबंधित विषयों को उन पाठकों तक भी पहुँचाना है जो अंग्रेज़ी भाषा के माध्यम से भारतीय इतिहास को पढ़ना चाहते हैं।
इस प्रकार 22 पुस्तकों की यह यात्रा केवल प्रकाशन की यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास और साहित्य को डिजिटल युग में व्यापक पाठक-वर्ग तक पहुँचाने का प्रयास है।
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## 22 पुस्तकें — एक नज़र में
| भाषा | प्रकाशित पुस्तकें |
|---|---|
| हिन्दी | 10 |
| अंग्रेज़ी | 12 |
| कुल | 22 |
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## शौर्य से शब्द तक
एक समय हाथ में बंदूक थी। आज हाथ में कलम है।
पहले राष्ट्र की सेवा वर्दी में हुई; अब इतिहास, संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़े विषयों को लिखने और सुरक्षित करने का प्रयास पुस्तकों के माध्यम से हो रहा है।
22 पुस्तकें इस यात्रा का अंत नहीं हैं। यह केवल एक पड़ाव है।

आगे भी अध्ययन होगा, दस्तावेज खोजे जाएंगे, नई सामग्री सामने आएगी और जहाँ प्रमाण उपलब्ध होंगे, वहाँ उन्हें पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा।
यह यात्रा जारी है।
**नरेश दास वैष्णव निम्बार्क**
सेवानिवृत्त मानद नायब सूबेदार, भारतीय सेना | इतिहासकार | शोधकर्ता | लेखक
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