एक सैनिक की कलम से निकला सनातन का इतिहास — ११ पुस्तकों का भव्य विमोचन, रामनगर

भारतीय सेना के सेवानिवृत्त नायब सूबेदार एवं अन्तर्राष्ट्रीय लेखक नरेश दास वैष्णव निम्बार्क ने १९ जून २०२६ को गाँव रामनगर, तहसील गन्नौर, जिला सोनीपत की ऐतिहासिक चौपाल में ६ हिंदी एवं ५ अंग्रेज़ी — कुल ११ पुस्तकों का भव्य विमोचन किया। १८ वर्षों के अथक शोध पर आधारित नवीनतम कृति 'स्वर्णप्रस्था की गाथा' सोनीपत के ३५२६ वर्षों के महाभारतकालीन इतिहास को उजागर करती है। बंदूक से कलम तक की इस अद्भुत यात्रा में एक सैनिक ने सनातन धर्म के गौरवशाली इतिहास को विश्व के १९५ देशों तक पहुँचाया।

Mahabharata History3 min read

बंदूक छोड़ी, कलम उठाई — फिर रच दिया इतिहास!
सोनीपत के सैनिक-लेखक ने एक दिन में प्रकाशित की नई पुस्तक, ११ किताबों का हुआ विमोचन
सोनीपत/रामनगर, १९ जून २०२६ | स्रोत: www.nareshswaminimbark.in
जिस हाथ ने कभी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए बंदूक थामी थी, उसी हाथ ने आज कलम उठाकर सनातन इतिहास को नई पहचान दी। तहसील गन्नौर, जिला सोनीपत के गाँव रामनगर की ऐतिहासिक चौपाल में शुक्रवार को एक ऐसा साहित्यिक उत्सव सम्पन्न हुआ जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।
भारतीय सेना के सेवानिवृत्त नायब सूबेदार, संयुक्त राष्ट्र के अनुभवी सैनिक एवं अन्तर्राष्ट्रीय लेखक नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की ६ हिंदी एवं ५ अंग्रेज़ी — कुल ११ पुस्तकों का एक साथ विमोचन किया गया। इनमें सबसे चर्चित रही उनकी नवीनतम कृति "स्वर्णप्रस्था की गाथा" — जो प्रातः ४ बजे प्रकाशित हुई और सायं साढ़े आठ बजे तक Notion Press पर जीवित हो गई। मात्र साढ़े चार घण्टे में एक पुस्तक का प्रकाशित होना अपने आप में एक कीर्तिमान है।
३५२६ वर्षों का अनसुना इतिहास
"स्वर्णप्रस्था की गाथा" में सोनीपत के ३५२६ वर्षों के महाभारतकालीन इतिहास को उजागर किया गया है। १८ वर्षों के अथक शोध का परिणाम यह पुस्तक बताती है कि महाभारत काल में पाण्डवों द्वारा माँगे गए पाँच नगरों में से एक "स्वर्णप्रस्था" वही पावन भूमि है जिसे आज हम सोनीपत के नाम से जानते हैं। यौधेय गणराज्य, बन्दा बैरागी का प्रथम सैन्य मुख्यालय, सत्कुम्भ धाम एवं तिरखु तीर्थ जैसे अनेक ऐतिहासिक तथ्यों को इस पुस्तक में प्रथम बार सार्वजनिक किया गया है।
विशिष्ट अतिथिगण
मुख्य अतिथि — भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री दिनेश स्वामी जी
अध्यक्ष — गन्नौर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री ईश्वर सिंह कश्यप जी
अति विशिष्ट अतिथि — श्रद्धेय मास्टर जगबीर वैष्णव जी एवं ग्राम सरपंच श्रीमती सुदेश कुमारी जी (धर्मपत्नी श्री बलराज छोककर)
मंच संचालन — श्री रविन्द्र स्वामी जी
विमोचित पुस्तकें
हिंदी पुस्तकें (६)
१. यात्रा: बंदूक से कलम तक — एक सैनिक से साधक बनने की सनातन यात्रा
२. महंत बने महाराजा: सनातन वैष्णव बैरागी परम्परा
३. रामनगर: ४२२ वर्षों का अनसुना इतिहास
४. रणभूमि से तीर्थभूमि तक: एक सैनिक की अमर गाथा
५. जगतगुरु निम्बार्काचार्यजी: सनातन के सूर्य
६. स्वर्णप्रस्था की गाथा: सोनीपत — ३५२६ वर्षों का महाभारतकालीन इतिहास
अंग्रेज़ी पुस्तकें (५)
1. Nimbark Sampraday: Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition
2. Sanatan Vaishnav Bairagi: Forgotten Warriors and Soldiers
3. The Vaishnav Bairagi Kings of India: Warrior Saints of Sanatan Dharma
4. The Royal Legacy of the Sanatan Vaishnav Bairagis
5. Rosary and the Throne: The Vaishnav Bairagi Rulers
लेखक का उद्गार
"मेरे गाँव रामनगर का ४२२ वर्षों का अनसुना इतिहास आज दुनिया के सामने है। १८ वर्षों के अथक शोध के पश्चात् स्वर्णप्रस्था की गाथा में सोनीपत के ३५२६ वर्षों के महाभारतकालीन इतिहास को प्रकाश में लाया गया है। बंदूक से कलम तक की यह यात्रा आज भी लोगों का प्यार बटोर रही है। सनातन धर्म के लिए समर्पित मेरी सारी पुस्तकें एक ही सन्देश देती हैं — आओ, लौट चलें सनातन की ओर।"
पुस्तकें कहाँ उपलब्ध हैं
ये सभी पुस्तकें Amazon, Flipkart, Google Play Books एवं Notion Press पर उपलब्ध हैं तथा विश्व के १९५ देशों में पढ़ी जा सकती हैं।
SEO Keywords:
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क, स्वर्णप्रस्था की गाथा, सोनीपत महाभारत इतिहास, वैष्णव बैरागी, रामनगर गन्नौर सोनीपत, पुस्तक विमोचन, UN Veteran लेखक, Sanatan Vaishnav Bairagi, Swarnprastha Ki Gatha, Indian Army Author
वेबसाइट: www.nareshswaminimbark.in | Retired Naib Subedar, Indian Army | UN Veteran | International Autho

Internal linking suggestions
Related posts
"जूठे बेर, अमर प्रेम: हम्पी की उस गुफा का रहस्य जहाँ राम ने जाति तोड़ी थी"
हम्पी-किष्किंधा की पावन भूमि पर शबरी ने भगवान राम को अर्पित किए जूठे बेर — जानिए वह मार्मिक प्रसंग जो वैष्णव बैरागी परंपरा की आधारशिला बना। एक सैनिक की अनुसंधान-यात्रा।
"कारगिल के मोर्चे से अस्पताल के बिस्तर तक — भगवानदास अस्पताल सोनीपत में सैनिक ने पाई सजीव मानवता, मालिक स्वयं भेंट करने आए!"
कारगिल युद्ध के भूतपूर्व सैनिक व इतिहासकार नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की भगवानदास अस्पताल, सोनीपत में सफल उपचार-यात्रा — जहाँ अस्पताल के स्वामी डॉ. शेखर पामनानी स्वयं कुशलक्षेम पूछने पधारे। पढ़ें पूरी प्रेरणादायी गाथा।
"नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकें अब Yes24 कोरिया पर उपलब्ध | सनातन वैष्णव बैरागी इतिहास"
सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी एवं इतिहासकार नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा पर आधारित पुस्तकें अब दक्षिण कोरिया के Yes24 बुकस्टोर पर उपलब्ध। पूर्ण मूल्य-सूची व विवरण यहाँ पढ़ें।