# जय श्री राधे राधे!
वेबसाइट पोस्ट की सम्पूर्ण Body — बिना इमोजी —
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**18 साल। 11 पुस्तकें। 200 देश।**
**एक भारतीय फौजी की कलम की**
**वह यात्रा — जो दुनिया ने नहीं देखी।**
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हरियाणा के सोनीपत जिले के ग्राम रामनगर में 7 मई 1964 को एक साधारण वैष्णव परिवार में एक बालक ने जन्म लिया।
न बड़ा घर था।
न सिफारिश थी।
न कोई संसाधन था।
था तो बस —
श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद
और सनातन की सेवा का अटल संकल्प।
वह बालक बड़ा हुआ।
भारतीय सेना में भर्ती हुआ।
देश की सीमाओं पर खड़ा रहा।
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में
भारत का प्रतिनिधित्व किया।
जब वर्दी उतारी —
तो कलम उठाई।
और श्री राधा-कृष्ण की कृपा से
सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के
उस भूले हुए इतिहास को
दुनिया के सामने रखने का संकल्प लिया —
जिसे इतिहास की पुस्तकों ने नजरअंदाज किया था।
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**18 वर्षों की साधना**
यह यात्रा सरल नहीं थी।
कोई प्रकाशक नहीं था।
कोई PR Agency नहीं थी।
कोई राजनीतिक संरक्षण नहीं था।
कोई विज्ञापन बजट नहीं था।
थी तो बस —
एक सेवानिवृत्त फौजी की पेंशन।
और श्री राधा-कृष्ण में अटूट आस्था।
18 वर्षों तक निरंतर शोध किया।
ग्रंथों को खंगाला।
तीर्थों की यात्राएँ कीं।
इतिहास के उन पन्नों को पढ़ा
जिन्हें दुनिया ने भुला दिया था।
और एक-एक पुस्तक —
अपनी पेंशन से छपवाई।
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**वैश्विक उपस्थिति**
आज श्री युगल सरकार की कृपा से —
Wikipedia पर हिंदी में Featured Snippet सहित नाम दर्ज है। Google पर चार पृष्ठों की वैश्विक उपस्थिति है। Amazon.in पर 10 पुस्तकें 5 Star रेटिंग सहित उपलब्ध हैं। Google Play Books पर 8 पुस्तकें प्रकाशित हैं। अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन मंच Notion Press से 3 पुस्तकें प्रकाशित हैं। AIMA Media पर अंतर्राष्ट्रीय समाचार मंच पर उपस्थिति है। YouTube, Facebook, Instagram एवं LinkedIn पर वैश्विक वैष्णव संदेश का निरंतर प्रसार हो रहा है। 200 देशों में पुस्तकें एवं रचनाएँ पढ़ी जाती हैं।
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**प्रकाशित पुस्तकें**
Amazon.in पर उपलब्ध —
यात्रा : बंदूक से कलम तक।
निम्बार्क संप्रदाय : सनातन वैष्णव बैरागी।
सनातन वैष्णव बैरागी : योद्धा और सैनिक।
सनातन वैष्णव बैरागी : भूले हुए योद्धा।
The Vaishnav Bairagi Kings of India।
महंत बने महाराजा।
रामनगर : 422 वर्षों का अनसुना इतिहास।
रणभूमि से तीर्थभूमि तक।
यात्रा : बंदूक से कलम तक (हार्डकवर)।
सनातन भारत : नया सवेरा।
Google Play Books पर —
8 पुस्तकें वैश्विक स्तर पर उपलब्ध।
Notion Press, अमेरिका से —
3 पुस्तकें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित।
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**सनातन भारत : नया सवेरा**
मासिक ई-पत्रिका — सदा निःशुल्क।
16वाँ अंक प्रकाशित।
5 महाद्वीपों में वितरित।
800 करोड़ से अधिक की पहुँच।
यह पत्रिका नहीं —
यह श्री राधा-कृष्ण का वह संदेश है
जो संसार के हर कोने में
निःशुल्क पहुँच रहा है।
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**ऐतिहासिक विमोचन समारोह**
7 जून 2026, रविवार।
ग्राम लूम्ब, तहसील बड़ौत।
जिला बागपत, उत्तर प्रदेश।
समस्त 11 पुस्तकों का एक साथ विमोचन।
नवीनतम कृति —
जगतगुरु निम्बार्काचार्य : सनातन के सूर्य।
हिंदी, English एवं Gujarati में एक साथ प्रकाशित।
ढाई सौ पुस्तकें — निःशुल्क समर्पित।
यह व्यापार नहीं।
यह श्री राधा-कृष्ण की सेवा है।
यह सनातन का ऋण चुकाना है।
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**यह कहानी क्या सिखाती है**
एक ऐसे युग में —
जब सफलता खरीदी जाती है।
जब प्रसिद्धि विज्ञापन से मिलती है।
जब नाम सिफारिश से बनता है।
इस फौजी ने एक अलग मार्ग चुना।
श्री राधा-कृष्ण की भक्ति।
सनातन की सेवा।
और निरंतर साधना।
यही है सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा की शक्ति।
यही है एक सच्चे फौजी की पहचान।
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**सम्पर्क**
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
राष्ट्रीय अध्यक्ष
वैश्विक सनातन वैष्णव बैरागी सेवा संगठन (रजि. 1688)
सेवानिवृत्त नायब सूबेदार | UN Veteran
अंतर्राष्ट्रीय लेखक | शोधकर्ता | पत्रकार
वेबसाइट : www.nareshswaminimbark.in
सम्पर्क : 90135 35190
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जय श्री राधे राधे।
जय सनातन। जय निम्बार्क। जय वैष्णव बैरागी।
जय हिंद। जय भारत।
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