सेना से समाज तक: नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की प्रेरणादायक जीवन गाथा

👉 Excerpt: नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की यह प्रेरणादायक जीवन गाथा एक साधारण किसान परिवार से लेकर भारतीय सेना, UN Peace Mission और समाज सेवा तक की अद्भुत यात्रा को दर्शाती है। संघर्ष, अनुशासन और देशसेवा से भरा उनका जीवन आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।

deshbhakti patriotism3 min read4/1/2026

📰🚩 नरेश दास वैष्णव निम्बार्क – एक प्रेरणादायक जीवन यात्रा 🚩🇮🇳
(सैन्य सेवा, UN मिशन, साहित्य, समाज सेवा एवं सम्मान की संपूर्ण गाथा)
✍️ प्रस्तुतकर्ता: नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
🏛️ संस्थापक: वैश्विक सनातन वैष्णव बैरागी सेवा संगठन (पंजी.)
🏡 जन्म एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क का जन्म 7 मई 1964 को हरियाणा राज्य के जिला सोनीपत, तहसील गन्नौर के ग्राम रामनगर में एक साधारण किसान परिवार में हुआ।
उनके पिताजी नारायण दत्त स्वामी किसान थे, जिनके पास लगभग 40 बीघा भूमि थी। परिवार में चार भाई और एक बहन हैं। वे सबसे बड़े हैं।
छोटे भाई: सुभाष नंबरदार, अशोक, बिजेंद्र
बहन: अनीता देवी
🎓 शिक्षा एवं प्रारंभिक संघर्ष
प्रारंभिक शिक्षा: 1970 में गांव रामनगर के प्राइमरी स्कूल से
मिडिल शिक्षा: गांव पीपली खेड़ा
मैट्रिक: गवर्नमेंट हाई स्कूल लडसोली (1980)
मैट्रिक के बाद रोजगार की तलाश में वे दिल्ली चले गए।
⚒️ प्रारंभिक जीवन एवं संघर्ष यात्रा
उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा:
बुक डिपो में नौकरी (₹100 मासिक वेतन)
बस बॉडी मेकिंग कार्य
चोट (आँख में लोहे का कण लगना)
रसगुल्ले की रेहड़ी लगाकर कार्य
फिर सेना में भर्ती की तैयारी
🇮🇳 भारतीय सेना सेवा (1984–2008)
27 नवंबर 1984 को वे भारतीय सेना में भर्ती हुए।
प्रमुख सेवाएँ:
कारगिल युद्ध (1999 – ऑपरेशन विजय) में भागीदारी
देश के विभिन्न हिस्सों में सैन्य सेवा
ट्रेनिंग विंग में मुख्य प्रशिक्षक एवं हवलदार/मेजर स्तर की जिम्मेदारियाँ
🏅 सेना में सम्मान:
16 अक्टूबर 2007 – कमांडेंट द्वारा प्रशंसा पत्र
21 नवंबर 2008 – लेफ्टिनेंट जनरल द्वारा प्रशंसा पत्र (अनुशासन एवं योगदान हेतु)
30 नवंबर 2008 को उन्होंने सेना से सेवानिवृत्ति ली।
🌍 संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन
2000 में उन्हें UN Peace Mission – Sierra Leone (West Africa) में सेवा का अवसर मिला।
वहां से प्राप्त आर्थिक योगदान से उन्होंने गांव में मंदिर निर्माण कराया।
✈️ विदेश अनुभव एवं सेवा विस्तार
वेस्ट अफ्रीका (UN मिशन)
विभिन्न सैन्य एवं सेवा यात्राएँ
👨‍👩‍👦 परिवार
विवाह: 12 मई 1986 – निर्मला स्वामी से
पुत्र:
अमित स्वामी (10 अगस्त 1988) – पोस्ट ग्रेजुएट
सुमित स्वामी (21 सितंबर 1991)
पोता: भावेश स्वामी (27 अक्टूबर 2000)
पोती: 2024 में जन्म
🚔 सेना के बाद सेवा एवं प्रशिक्षण कार्य
सेना के बाद वे विभिन्न संस्थानों में कार्यरत रहे:
अमेरिका गैस कंपनी – इंस्पेक्टर
2009: दिल्ली सरकार + लीलैंड कंपनी ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट
मुख्य प्रशिक्षक (6 वर्ष)
🚦 विशेष योगदान:
रोड सेफ्टी एवं फ्यूल सेविंग प्रशिक्षण
4 जनवरी 2011 – करनाल पुलिस लाइन में लेक्चर
(दैनिक भास्कर एवं दैनिक जागरण में प्रकाशित)
🏅 प्राप्त शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा
कंप्यूटर कोर्स
एजुकेशन कोर्स
PTL/प्रबंधन प्रमाण पत्र
स्नातक प्रमाण पत्र
🧭 समाज सेवा एवं सामाजिक योगदान
सेवा निवृत्ति के बाद उन्होंने जीवन समाज सेवा को समर्पित किया:
सेना भर्ती प्रशिक्षण
युवाओं को मार्गदर्शन
सड़क सुरक्षा अभियान
सनातन संस्कृति जागरण
गरीब एवं मेधावी बच्चों का सम्मान
🏫 प्रमुख सम्मान एवं आयोजन
📌 2019 – रामनगर
सनातन वैष्णव बैरागी उत्सव, 24 व्यक्तियों का सम्मान
📌 2022 – कुरुक्षेत्र (15 अगस्त)
स्वतंत्रता सेनानियों एवं वंशजों का सम्मान
📌 2023 – सोनीपत
लगभग 25 व्यक्तियों का सम्मान
📌 नियमित कार्यक्रम
गवर्नमेंट हाई स्कूल रामनगर में बच्चों का वार्षिक सम्मान
🏆 राष्ट्रीय एवं संस्थागत सम्मान
नेहरू युवा केंद्र (भारत सरकार)
JBM गर्ल्स कॉलेज NSS
सीता माई मंदिर सेवा समिति (हरियाणा)
हिंदी साहित्य संस्थाएँ (दिल्ली, छत्तीसगढ़)
मथुरा होली मिलन सम्मान 2026
राजपरिवार सम्मान (छत्तीसगढ़)
📚 साहित्य एवं पुस्तकें
📖 प्रमुख पुस्तकें:
यात्रा बंदूक से कलम तक
महंत बने महाराज
छत्तीसगढ़ रियासत इतिहास
Sanatan Vaishnav Bairagi Warriors & Soldiers
📌 सभी पुस्तकें Amazon एवं Google पर उपलब्ध हैं।
📰 मीडिया कवरेज
लगभग 22 अखबारों में समाचार प्रकाशित हुए।
प्रारंभिक नाम: नरेश कुमार स्वामी निम्बार्क
वर्तमान नाम: नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
📌 मीडिया लिंक:
https://drive.google.com/file/d/14sgqWYjaxMkdKFxiAhS3o_1RAGkYR3yN/view⁠�
📖 ई-पत्रिका
सनातन भारत नया सवेरा
(14+ अंक प्रकाशित)
📌 लिंक:
https://drive.google.com/file/d/1wMhy4sI3iag6B6MDQENMJ-sH6qHJ-D3H/view⁠�
🌍 वैश्विक संगठन
अध्यक्ष: वैश्विक सनातन वैष्णव बैरागी सेवा संगठन
274+ बच्चों एवं युवाओं का सम्मान
🧾 निष्कर्ष
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क का जीवन संघर्ष, सेवा, अनुशासन और समाज कल्याण की एक महान प्रेरणादायक यात्रा है।
उनका जीवन संदेश है:
“सेना से लेकर समाज तक – सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”
🇮🇳 जय हिंद | जय भारत | जय सियाराम 🚩

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