**रामनगर (गन्नौर) से जापान तक — सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा की पुस्तकों का कारवाँ पहुँचा विश्व-पटल तक!**

रामनगर (गन्नौर) की पावन धरती से आरंभ हुई एक साधना, जहाँ 422 वर्षों का अनसुना इतिहास दस्तावेज़ों में क़ैद था, आज जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और डेनमार्क तक अपनी पहुँच बना चुकी है। सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा पर केंद्रित चौदह शोध-ग्रंथ अब Amazon.co.jp पर सहर्ष उपलब्ध हैं। "बंदूक से कलम तक" के इस सफ़र में एक सेवानिवृत्त सैनिक ने रणभूमि से तीर्थभूमि तक की यात्रा तय

Itihas Shodh3 min read

रामनगर (गन्नौर) से जापान तक — सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा की पुस्तकों का कारवाँ पहुँचा विश्व-पटल तक!
परम श्रद्धेय पाठकगण, भक्तजन एवं सुहृदजनों,
अत्यंत हर्ष और गौरव की अनुभूति के साथ आज यह सूचना साझा कर रहा हूँ कि "सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा" पर केंद्रित मेरा दीर्घकालिक शोध-कार्य, जो वर्षों की तपस्या, अनुशासन और साधना का फल है, अब केवल भारतवर्ष की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा। रामनगर (गन्नौर) की उस पावन धरती से आरंभ हुई यह साहित्यिक यात्रा, जहाँ 422 वर्षों का अनसुना इतिहास दस्तावेज़ों और स्मृतियों में क़ैद था, आज सुदूर जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और डेनमार्क जैसे देशों तक अपनी पहुँच बना चुकी है।
यह यात्रा सरल नहीं थी। एक सैनिक के रूप में मैंने चौबीस वर्षों तक भारतीय सेना की सेवा की, कारगिल युद्ध का साक्षी बना, संयुक्त राष्ट्र मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। रणभूमि से तीर्थभूमि तक का यह सफ़र — "बंदूक से कलम तक" — केवल शब्दों का खेल नहीं, अपितु एक जीवन-दर्शन है। सेवानिवृत्ति के पश्चात जब हाथ में बंदूक की जगह कलम आई, तब मन में एक ही संकल्प था — सनातन वैष्णव बैरागी समाज के उस गौरवशाली, किंतु उपेक्षित इतिहास को विश्व के सम्मुख लाना, जिसने सदियों तक धर्म, राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पित किया।
आज इस संकल्प का प्रतिफल है कि जापान की धरती पर, Amazon.co.jp के माध्यम से, मेरी निम्नलिखित चौदह पुस्तकें सहर्ष उपलब्ध हो चुकी हैं (जिनमें से कुछ Kindle Unlimited सदस्यों हेतु फ्री भी उपलब्ध हैं):
1. Rosary and the Throne: The Vaishnav Bairagi Rulers (English Edition) — पेपरबैक
2. The Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition: From the Vedic Age to Modern India (Hindi Edition) — हार्डकवर
3. Ramnagar (Gannaur): 422 Varshon Ka Ansuna Itihaas (Hindi Edition) — हार्डकवर
4. Ramnagar (Gannaur): 422 Years of Untold History (English Edition) — Kindle — फ्री
5. Jagatguru Nimbarkacharya: The Sun of Sanatan Dharma (Hindi Edition) — हार्डकवर
6. Jagatguru Nimbarkacharyaji: Sanatan Ke Surya (English Edition) — Kindle — फ्री
7. Swarnprastha Ki Gatha: Sonipat Ka 3526 Varsh Purana Ansuna Mahabharatakalin Itihas (Hindi Edition) — हार्डकवर
8. Mahant Bane Maharaja: Sanatan Vaishnav Bairagi Community (Hindi Edition) — हार्डकवर/Kindle — फ्री
9. Nimbark Sampraday: Sanatan Vaishnav Bairagi (English Edition) — Kindle
10. Yatra: Bandook Se Kalam Tak (Hindi Edition) — हार्डकवर/Kindle
11. The Vaishnav Bairagi Kings of India: Warrior Saints of Sanatan Dharma (English Edition) — Kindle
12. Ranbhoomi se Teerthbhoomi tak: Ek Sainik ki Amar Gatha (English Edition) — Kindle — फ्री
13. The Royal Legacy of the Sanatan Vaishnav Bairagis (English Edition) — Kindle — फ्री
14. Sanatan Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers (English Edition) — Kindle
(नोट: "फ्री" चिह्नित पुस्तकें Kindle Unlimited सदस्यता के अंतर्गत निःशुल्क पठनीय हैं; बिना सदस्यता के भी न्यूनतम मूल्य पर क्रय की जा सकती हैं।)
यह केवल पुस्तकों की सूची नहीं है — यह उस समाज की पहचान की पुनर्स्थापना है, जिसे इतिहास के पन्नों में यथोचित स्थान नहीं मिला। वैष्णव बैरागी समाज, जिसने अपनी माला और तलवार दोनों को समान समर्पण से थामा, जिसने राज्य भी स्थापित किए और धर्म की रक्षा में बलिदान भी दिए — उस समाज की गाथा अब विश्व के कोने-कोने में पढ़ी जा रही है।
मैं इसे व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानता। यह समस्त सनातन वैष्णव बैरागी समाज, मेरे गुरुजनों, पूर्वजों और उन असंख्य अनाम योद्धा-संतों की विजय है, जिनकी गाथाएँ अब तक मौन थीं। सैन्य अनुशासन ने मुझे सिखाया कि लक्ष्य चाहे जितना दुर्गम हो, संकल्प और निरंतरता से वह अवश्य प्राप्त होता है। यही अनुशासन आज मेरे शोध-कार्य में परिलक्षित होता है।
आगामी समय में मेरा प्रयास रहेगा कि यह साहित्यिक कारवाँ और भी दूर तक, और भी गहराई तक पहुँचे — ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों को, अपने पूर्वजों के त्याग और तप को गर्व से जान सकें।
आप सभी का स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग ही इस यात्रा की सबसे बड़ी पूँजी है। अधिक जानकारी हेतु आप मेरी वेबसाइट www.nareshswaminimbark.in पर पधार सकते हैं, जहाँ मेरी समस्त पुस्तकें एक साथ उपलब्ध हैं।
जय श्री सनातन धर्म, जय वैष्णव बैरागी परंपरा
— नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी | इतिहासकार | शोधकर्ता
www.nareshswaminimbark.in

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