## रामनगर, गन्नौर से नॉर्वे तक पहुँची सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा की साहित्यिक यात्रा
॥ जय श्री सीताराम ॥
॥ जय श्री राधे-राधे ॥
आज का दिन मेरे लिए परमात्मा की कृपा, गुरुओं के आशीर्वाद और सनातन धर्म के प्रति समर्पण का विशेष अवसर है।
हरियाणा के सोनीपत जिले के ग्राम रामनगर, गन्नौर से आरंभ हुई सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा की साहित्यिक यात्रा आज आप सभी के स्नेह और आशीर्वाद से नॉर्वे तक पहुँच चुकी है।
यह केवल पुस्तकों की यात्रा नहीं, बल्कि उस सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के इतिहास, योगदान और सम्मान को विश्व के सामने रखने का विनम्र प्रयास है, जिसने सदियों से सनातन धर्म की रक्षा और सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
### मेरी 22वीं पुस्तक: सनातन अयोध्या खंड–2
**"रामजन्मभूमि की रक्षा में वैष्णव बैरागी अखाड़ों का योगदान"**
इस पुस्तक का उद्देश्य उपलब्ध ऐतिहासिक प्रमाणों और तथ्यों के आधार पर वैष्णव बैरागी अखाड़ों के योगदान को सामने लाना तथा इस परंपरा की ऐतिहासिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।
**विशेष सूचना:** पुस्तक पहले से डिजिटल मंचों पर निःशुल्क उपलब्ध है। 6 दिसंबर 2026 को अयोध्या धाम में इसका औपचारिक विमोचन प्रस्तावित है।
### पाँच डिजिटल मंचों पर निःशुल्क पढ़ने की सुविधा
मेरी पुस्तकों को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से उन्हें विभिन्न डिजिटल मंचों पर निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
**1. Google Play Books**
https://play.google.com/store/books/details/Naresh_Das_Vaishnav_Nimbark_%E0%A4%B8%E0%A4%A8_%E0%A4%A4%E0%A4%A8_%E0%A4%85%E0%A4%AF_%E0%A4%A7_%E0%A4%AF_%E0%A4%96_%E0%A4%A1_2?id=_SwPEgAAQBAJ
**2. Internet Archive**
https://archive.org/details/1-hindi-sanatan-ayodhya-khand-2
**3. Scribd**
**4. Issuu**
**5. Academia.edu तथा अन्य डिजिटल मंच**
मेरी पुस्तकों को इन मंचों पर मेरे नाम से खोजा जा सकता है।
**खोजने का सरल तरीका:** Google या संबंधित मंच के सर्च बॉक्स में लिखें: Naresh Das Vaishnav Nimbark
### छपी हुई पुस्तक भी उपलब्ध है
जो पाठक पुस्तक की मुद्रित प्रति अपने पुस्तकालय में रखना चाहते हैं, वे उपलब्धता और मूल्य की जाँच करके निम्नलिखित मंचों से इसे प्राप्त कर सकते हैं:
- Notion Press: https://notionpress.com/in/read/sanatan-ayodhya-volume-2
- Amazon: https://amzn.in/d/07VhPVPo
- Pothi.com
- Flipkart
उपलब्ध संस्करणों के अनुसार पुस्तक पेपरबैक और हार्डकवर, दोनों रूपों में प्राप्त की जा सकती है।
मेरी पुस्तकों को निःशुल्क पढ़ने के लिए उपलब्ध कराने का उद्देश्य बिक्री नहीं, बल्कि ज्ञान और इतिहास को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना है।
### सनातन भारत नया सवेरा: मासिक ई-पत्रिका
हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों भाषाओं में प्रकाशित इस ई-पत्रिका के माध्यम से सनातन संस्कृति, इतिहास और वैष्णव बैरागी परंपरा से जुड़े विचारों को पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास निरंतर जारी है। इसे भी विभिन्न डिजिटल मंचों पर मेरे नाम से खोजा जा सकता है।
### 190 देशों तक पहुँचने की यात्रा
मेरी पुस्तकों और शोधकार्य की डिजिटल पहुँच विभिन्न देशों तक बनी हुई है। इंग्लैंड, अमेरिका, जर्मनी, जापान, ताइवान, सिंगापुर, नेपाल, मॉरीशस और अन्य देशों के साथ अब इस यात्रा का नॉर्वे तक पहुँचना मेरे लिए परमात्मा की कृपा का विषय है।
यह अंतरराष्ट्रीय पहुँच डिजिटल मंचों पर उपलब्धता के संदर्भ में है। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक देश में हर पुस्तक की बिक्री हुई है।
### मैं कौन हूँ?
मैं न तो स्वयं को बड़ा साहित्यकार मानता हूँ और न ही बड़ा इतिहासकार। मैं न नेता हूँ, न अभिनेता और न ही किसी बड़े आर्थिक परिवार से आया हूँ।
मैं एक साधारण सैनिक रहा हूँ और सामान्य परिवार में जन्मा व्यक्ति हूँ। अपने जीवन के अनुभवों और शोध के आधार पर मैंने लेखन का मार्ग चुना है।
मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान पाठकों का विश्वास, संत-महात्माओं का आशीर्वाद और परमात्मा की कृपा है।
मेरे लेखन का उद्देश्य केवल पुस्तकों की बिक्री नहीं, बल्कि सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के इतिहास, योगदान और सम्मान को प्रमाणों के आधार पर विश्व के सामने रखना है।
मेरा विश्वास है:
**"दस्तावेज़ों को बोलने दीजिए, प्रमाणों के आधार पर इतिहास को समझिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए सत्य को सुरक्षित रखिए।"**
### 6 दिसंबर 2026: अयोध्या धाम में भव्य पुस्तक-विमोचन समारोह
परम पावन अयोध्या धाम में मेरी 21वीं और 22वीं पुस्तकों के भव्य विमोचन समारोह का आयोजन प्रस्तावित है।
- **मुख्य अतिथि:** श्री महंत धर्मदास जी महाराज, हनुमानगढ़ी निर्वाणी अखाड़ा
- **कार्यक्रम संचालन:** श्री प्रमोद रामावत
- **अध्यक्षता:** श्री ओमप्रकाश रतूड़ी जी, जॉइंट कमिश्नर
- **आयोजक:** नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
इस अवसर पर संत-महात्माओं के सम्मान के साथ भंडारे और प्रसादी की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
आप सभी से विनम्र निवेदन है कि इस साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रयास को अपना आशीर्वाद दें, पुस्तकों को पढ़ें तथा प्रमाण-आधारित इतिहास को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में सहयोग करें।
रामनगर, गन्नौर से नॉर्वे तक, यह मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सनातन परंपरा की सेवा में समर्पित एक छोटा-सा प्रयास है।

परमात्मा की कृपा बनी रहे, संत-महात्माओं का आशीर्वाद मिलता रहे और सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा का गौरव नई पीढ़ियों तक पहुँचता रहे।
**लेखक, शोधकर्ता एवं इतिहासकार**
**नरेश दास वैष्णव निम्बार्क**
जन्मस्थान: ग्राम रामनगर, गन्नौर, सोनीपत, हरियाणा
वेबसाइट: www.nareshswaminimbark.in
॥ जय श्री सीताराम ॥
॥ जय श्री राधे-राधे ॥
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