प्रमाण संख्या–47: 1911 की दस्तावेज़ी साक्षी में डींग (कैथल) के बैरागी भूमिधारी

1911 में H. A. Rose के ग्लॉसरी में कैथल तहसील के डींग गाँव के कृषि-भूमिधारी गृहस्थ बैरागियों का उल्लेख मिलता है। वहीं 2015 के पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अभिलेख में वर्तमान Deeg, पुंडरी, कैथल के लोग "Bairagi Caste" के रूप में दर्ज हैं। दो कालखंडों के ये दस्तावेज़ डींग में बैरागी पहचान की निरंतरता सिद्ध करते हैं।

प्रमाण-संग्रह (मुख्य)3 min read

**प्रमाण संख्या–47**

डींग (Dig/Deeg) जिला कैथल में ऐतिहासिक बैरागी उपस्थिति का दस्तावेज़ी प्रमाण

**शोध प्रश्न**

क्या आज के हरियाणा के कैथल जिले के डींग गाँव में बैरागियों की ऐतिहासिक उपस्थिति का कोई पुराना दस्तावेज़ी प्रमाण उपलब्ध है?

**मूल ऐतिहासिक प्रमाण**

स्रोत: H. A. Rose
पुस्तक: A Glossary of the Tribes and Castes of the Punjab and North-West Frontier Province
Volume II
प्रकाशन: 1911
प्रविष्टि: Bairagi
पृष्ठ: 36 के आसपास के Bairagi विवरण में, पृष्ठ 37 पर आगे का विवरण जारी है।

Rose लिखते हैं कि Karnal के Kaithal तहसील में Dig गाँव के कृषि-भूमिधारी Bairagi उसके मालिक थे और वे "purely secular" थे। उसी संदर्भ में Rose स्पष्ट करते हैं कि secular Bairagi से आशय गृहस्थ/householder Bairagi से है; celibate Bairagis को अलग श्रेणी में रखा गया है।

**इस प्रमाण से क्या सिद्ध होता है?**

इस मूल ऐतिहासिक विवरण से निम्न बातें प्रमाणित होती हैं:

1. Kaithal तहसील के Dig नामक गाँव का उल्लेख 1911 के ऐतिहासिक स्रोत में मिलता है।
2. उस गाँव से कृषि-भूमिधारी Bairagis का स्पष्ट संबंध दर्ज है।
3. Rose के अनुसार वे गृहस्थ/सेक्युलर Bairagis थे।
4. स्रोत में उनके गाँव के स्वामित्व का भी स्पष्ट उल्लेख है।
5. इससे यह सिद्ध होता है कि 1911 के समय Dig में बैरागी समुदाय की ऐसी ऐतिहासिक उपस्थिति थी जो कृषि और भूमि-स्वामित्व से जुड़ी हुई थी।

**आधुनिक न्यायिक अभिलेख से स्वतंत्र पुष्टि**

24 जून 2015 के पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के एक मामले में गाँव का वर्तमान नाम Deeg, Tehsil Pundri, District Kaithal दर्ज है। उसी न्यायिक रिकॉर्ड में संबंधित व्यक्तियों को "Bairagi Caste" से संबंधित बताया गया है।

इस प्रकार हमारे पास दो अलग कालखंडों के स्रोत हैं:

1911 — ऐतिहासिक ग्रंथ:
Dig + Kaithal + Bairagis

2015 — न्यायिक अभिलेख:
Deeg + Pundri + Kaithal + Bairagi Caste

इन दोनों को साथ रखने से डींग क्षेत्र में बैरागी पहचान की पुरानी और आधुनिक दस्तावेज़ी निरंतरता का एक महत्वपूर्ण आधार प्राप्त होता है।

**शोध की सीमा: क्या अभी सिद्ध नहीं है?**

हमारी शोध-पद्धति के अनुसार निम्न बातें इस प्रमाण में शामिल नहीं की जा रही हैं, क्योंकि इनके लिए अभी मूल प्रमाण हमारे पास नहीं है:

- निहाल सिंह नैन को डींग का संस्थापक कहना
- निहाल सिंह नैन का दनोदा से आना
- डींग की स्थापना की निश्चित तारीख
- "बैरागियों की राजधानी" नाम की ऐतिहासिक उत्पत्ति
- निहाल सिंह नैन के गुरु का नाम
- उनका विशिष्ट धार्मिक संप्रदाय
- डींग के बैरागियों को विशेष रूप से निम्बार्क/निमानन्दी कहना

इन विषयों पर स्थानीय अथवा द्वितीयक सामग्री मिलती है, लेकिन मूल प्रमाण प्राप्त होने तक इन्हें प्रमाण संख्या–47 का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।

**शोध निष्कर्ष**

1911 के H. A. Rose के ऐतिहासिक विवरण में Kaithal तहसील के Dig गाँव के कृषि-भूमिधारी Bairagis का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। वे गृहस्थ/सेक्युलर Bairagis के रूप में वर्णित हैं।

2015 के पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अभिलेख में वर्तमान Deeg, Pundri, Kaithal के लोगों को Bairagi Caste से संबंधित बताया गया है।

अतः अभी तक उपलब्ध दस्तावेज़ों के आधार पर इतना कहना सुरक्षित है कि:

«डींग (Dig/Deeg), कैथल क्षेत्र में बैरागी समुदाय की ऐतिहासिक उपस्थिति का पुराना दस्तावेज़ी प्रमाण उपलब्ध है और आधुनिक न्यायिक अभिलेख में भी डींग के साथ "Bairagi Caste" का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।»

इसके आगे का निष्कर्ष तभी जोड़ा जाएगा जब उसका मूल दस्तावेज़ और पृष्ठ संख्या प्राप्त हो।

Article image

**स्रोत**

1. H. A. Rose, 1911, A Glossary of the Tribes and Castes of the Punjab and North-West Frontier Province, Vol. II, "Bairagi" entry.
2. Punjab & Haryana High Court, Deepika Rani and Another v. State of Haryana and Others, 24 June 2015 — Village Deeg, Tehsil Pundri, District Kaithal; "Bairagi Caste".

**शोध नियम:**
"दस्तावेज़ पहले, निष्कर्ष बाद में। जो सिद्ध है वही लिखा जाएगा।"

---

**शोध एवं प्रस्तुति**
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी एवं इतिहासकार
शोध-क्षेत्र: सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा

वेबसाइट: www.nareshswaminimbark.in

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