नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकें सनातन
वैष्णव बैरागी परम्परा के उन गौरवशाली अध्यायों
को उजागर करती हैं जिन्हें इतिहास में उचित स्थान
नहीं मिल सका। 18 वर्षों के गहन शोध, गाँव-गाँव,
मठ-मठ और तीर्थ-तीर्थ की यात्राओं पर आधारित ये
पुस्तकें प्रमाणिक तथ्यों, दस्तावेज़ों और संत-परम्परा
की गहन व्याख्या का अद्वितीय संगम हैं।
यात्रा : बंदूक से कलम तक
सिएरा लियोन में UN Mission के दौरान उग्रवादियों
द्वारा बंदी बनाए जाने के उस क्षण की गाथा — जब
बंदूक छोड़कर कलम उठाने का संकल्प लिया गया।
यह एक सैनिक की आत्मकथा है जो देश की सेवा के
बाद सनातन परम्परा की सेवा में समर्पित हो जाता है।
रामनगर : 422 वर्षों का अनसुना इतिहास
हरियाणा के ग्राम रामनगर का वह इतिहास जो आज
तक किसी पुस्तक में नहीं था। 422 वर्षों की
गौरवशाली अनसुनी गाथा — दस्तावेज़ों और
स्मृतियों में क़ैद एक प्राचीन विरासत — पहली बार
प्रकाश में आई।
जगतगुरु निम्बार्काचार्य : सनातन के सूर्य
निम्बार्क संप्रदाय के संस्थापक जगतगुरु
निम्बार्काचार्य के जीवन, दर्शन, उपासना-पद्धति
और परम्परा पर आधारित सम्पूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ।
श्री राधा-कृष्ण की उपासना और द्वैताद्वैत दर्शन
को सरल भाषा में प्रस्तुत करती यह पुस्तक
निम्बार्क परम्परा का अमूल्य दस्तावेज़ है।
महंत बने महाराजा
सनातन वैष्णव बैरागी परम्परा के उन महंतों की
गाथा जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए राजसी वैभव
को भी अपना साधन बनाया। यह पुस्तक भारतीय
इतिहास, आध्यात्मिक वंश-परम्पराओं और वैष्णव
बैरागी समाज की वीरता का जीवंत प्रमाण है।
ये पुस्तकें हिंदी एवं अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में
हार्डकवर, पेपरबैक एवं Kindle प्रारूप में Amazon,
Flipkart, Google Play Books तथा Notion Press
पर उपलब्ध हैं।
www.nareshswaminimbark.in
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