# 1916 का दस्तावेज़ बोलता है: "बैरागी" यानी वैष्णव, और चार मुख्य संप्रदायों में निमानंदी का उल्लेख | प्रमाण–38
"बैरागी" शब्द का ऐतिहासिक अर्थ क्या था, और उसकी धार्मिक पहचान क्या मानी जाती थी? इस प्रश्न का उत्तर अनुमान से नहीं, बल्कि पुराने दस्तावेज़ों और प्रकाशित ऐतिहासिक ग्रंथों से खोजा जाना चाहिए। इतिहास का अनुशासन यही कहता है कि जो अभिलेख में दर्ज है, वही प्रमाण है।
इसी क्रम में R. V. Russell का ग्रंथ *The Tribes and Castes of the Central Provinces of India, Volume II* (1916) एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसमें Bairāgi संबंधी विवरण मुद्रित पृष्ठ 97 से 112 तक फैला है। इन पृष्ठों में बैरागियों के धार्मिक आदेशों, संप्रदायों, अखाड़ों, द्वारों, दीक्षा और सामाजिक स्वरूप का विस्तृत वर्णन मिलता है।
## पृष्ठ-संदर्भ एक दृष्टि में
| पृष्ठ | दस्तावेज़ में दर्ज प्रमुख विषय |
|---|---|
| 97 | Bairāgi को "Vishnuite religious orders" से संबंधित सामान्य शब्द बताया गया है |
| 98 | बैरागी का संबंध Vishnu, Rāma अथवा Krishna से; चार मुख्य Orders में Nīmānandis का उल्लेख |
| 100 | "The Nīmānandis" शीर्षक के अंतर्गत संप्रदाय का स्वतंत्र विवरण |
| 105 | बैरागियों के सात Akhāras का उल्लेख |
| 107 | "Fifty-two Dwāras", अर्थात् बावन द्वारों का उल्लेख और विवाह-व्यवस्था |
| 108 | दीक्षा, तुलसी की माला, विष्णु-संबंधी मंत्र तथा Gopichandan तिलक |
| 111 | विवाहित बैरागियों, उनके परिवार और सामाजिक स्वरूप का विवरण |
## पृष्ठ 97: बैरागी और वैष्णव धार्मिक आदेश
पृष्ठ 97 पर Russell ने Bairāgi को "Vishnuite religious orders" के सदस्यों हेतु प्रयुक्त सामान्य शब्द बताया है। यह उल्लेख विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसमें बैरागी शब्द को सीधे वैष्णव धार्मिक आदेशों के संदर्भ में रखा गया है। अर्थात् इस ऐतिहासिक स्रोत में बैरागी परंपरा और वैष्णव धार्मिक परंपरा का संबंध स्पष्ट रूप से दर्ज मिलता है।
## पृष्ठ 98 और 100: निमानंदी का उल्लेख
पृष्ठ 98 पर Russell बताते हैं कि, उचित अर्थ में, बैरागी वह है जिसका प्रमुख आराध्य देव Vishnu अथवा उनके प्रमुख अवतार Rāma या Krishna में से कोई एक है। इसी पृष्ठ पर चार मुख्य Sampradāyas अथवा Orders का उल्लेख है: Rāmānujis, Nīmānandis, Vishnu-Swāmi अथवा Vallabhāchārya, और Madhavāchārya। इस प्रकार Nīmānandis को बैरागियों के चार मुख्य आदेशों में स्पष्ट रूप से रखा गया है। इसके बाद पृष्ठ 100 पर "The Nīmānandis" शीर्षक के अंतर्गत इस संप्रदाय का स्वतंत्र विवरण मिलता है।
शोध की दृष्टि से यहाँ एक आवश्यक सावधानी रखी गई है। जहाँ मूल स्रोत में "Nīmānandis" शब्द दर्ज है, वहाँ प्रमाण में भी वही मूल शब्द रखा गया है। इसे किसी अन्य पहचान से जोड़ने के लिए स्वतंत्र, अतिरिक्त प्रमाण आवश्यक होगा।
## पृष्ठ 105: सात अखाड़े
Russell के अनुसार चार मुख्य संप्रदायों के अतिरिक्त बैरागियों के बीच सात Akhāras भी प्रचलित थे: Digambari, Khāki, Munjia, Kathia, Nirmohi, Nirbāni/Niranjani और Lasgari। यह उल्लेख बैरागी परंपरा के भीतर अखाड़ा-व्यवस्था के ऐतिहासिक स्वरूप का महत्वपूर्ण दस्तावेज़ी आधार प्रस्तुत करता है।
## पृष्ठ 107: बावन द्वार
पृष्ठ 107 पर बैरागियों के "fifty-two Dwāras", अर्थात् बावन द्वारों, का उल्लेख मिलता है। Russell के विवरण के अनुसार ये द्वार संगठन तथा विवाह-व्यवस्था से जुड़े थे, और एक ही द्वार के सदस्यों के बीच विवाह वर्जित था। इससे बैरागी परंपरा के भीतर एक सुसंगठित सामाजिक संरचना का संकेत मिलता है।
## पृष्ठ 108: दीक्षा और वैष्णव चिह्न
पृष्ठ 108 पर बैरागी दीक्षा-प्रक्रिया में सिर मुंडवाना, तुलसी की माला धारण करना और गुरु से विष्णु-संबंधी मंत्र प्राप्त करना बताया गया है। इसी विवरण में Gopichandan से तिलक लगाने का भी उल्लेख है। ये विवरण बैरागी परंपरा की धार्मिक पहचान और दीक्षा-संस्कार को समझने के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
## दस्तावेज़ी क्रम
इन पृष्ठों में एक स्पष्ट क्रम दिखाई देता है:
**Bairāgi → Vishnuite religious orders → Vishnu/Rāma/Krishna → Nīmānandi → Akhāras → 52 Dwāras → Vaishnav initiation**
पृष्ठ 97, 98, 100, 105, 107 और 108 इस प्रमाण के मुख्य आधार हैं। इस प्रमाण का उद्देश्य किसी निष्कर्ष को थोपना नहीं, बल्कि ऐतिहासिक स्रोत को उसके मूल दस्तावेज़ी विवरण सहित पाठकों के सामने रखना है।
## मूल स्रोत
R. V. Russell, *The Tribes and Castes of the Central Provinces of India*, Volume II
Bairāgi, मुद्रित पृष्ठ 97–112
प्रकाशन वर्ष: 1916
*"जो सिद्ध है, वही लिखा जाएगा। दस्तावेज़ स्वयं अपना प्रमाण प्रस्तुत करेंगे।"*
**प्रमाण संख्या–38**
**नरेश दास वैष्णव निम्बार्क**
सेवानिवृत्त मानद नायब सूबेदार, भारतीय सेना | इतिहासकार | शोधकर्ता | लेखक
जन्मस्थान: ग्राम रामनगर, गन्नौर, सोनीपत, हरियाणा
वेबसाइट: www.nareshswaminimbark.in
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