"सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा: वेदों से आधुनिक भारत तक — पूर्व राजदूत का हार्दिक बधाई संदेश

"चेक गणराज्य के पूर्व राजदूत श्री पी. आर. स्वामी जी ने नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तक 'सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा: वेदों से आधुनिक भारत तक' के प्रकाशन पर भेजा हार्दिक बधाई संदेश। पढ़ें पूरी

Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition3 min read

सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा: वेदों से आधुनिक भारत तक" — पूर्व राजदूत का हार्दिक बधाई संदेश
चेक गणराज्य से एक अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक समाचार प्राप्त हुआ है, जो सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में विदेश की धरती से मिले स्नेह और सम्मान का प्रत्यक्ष प्रमाण है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के से.नि. अधिकारी तथा चेक गणराज्य में "स्वामी एंड सन्स s.r.o" ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री पी. आर. स्वामी जी ने मेरी नवीन पुस्तक "सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा: वेदों से आधुनिक भारत तक" के प्रकाशन पर हार्दिक शुभकामना संदेश भेजा है।

Article image


चेक गणराज्य से आया आत्मीय संदेश
श्री पी. आर. स्वामी जी, जो चेक गणराज्य में नौ रेस्टोरेंट, जेनेवा में तीन बड़े होटल तथा पुर्तगाल में तीन प्रमुख कंपनियों का सफल संचालन कर रहे हैं, विदेश की धरती पर रहते हुए भी सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी गहरी आस्था और लगाव बनाए हुए हैं।
अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि यह पुस्तक भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान, इतिहास तथा आधुनिक विचारधारा के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगी और नई पीढ़ी तक हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। साथ ही उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कांता देवी जी की ओर से भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
विदेश में बैठकर भी अपनी मातृभूमि की संस्कृति, परंपरा और साहित्य के प्रति ऐसा स्नेह अत्यंत हृदयस्पर्शी है। मैं श्री पी. आर. स्वामी जी और श्रीमती कांता देवी जी के प्रति हृदय से आभार और वंदन व्यक्त करता हूँ।
पुस्तकों की यात्रा: भारत से विश्व तक
यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आज मेरी पुस्तकें विश्वभर के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हो चुकी हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा: वेदों से आधुनिक भारत तक
स्वर्णप्रस्थ की गाथा: सोनीपत का 3,526 वर्षों का अनकहा महाभारत इतिहास
रामनगर: 422 वर्षों का अनकहा इतिहास — विरासत, संस्कृति और पैतृक जड़ों का व्यापक अध्ययन
यात्रा: बंदूक से कलम तक — एक पूर्व सैनिक की साहित्यिक यात्रा (हिंदी संस्करण)
महंत बने महाराज — सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा (हिंदी संस्करण)
जगतगुरु निम्बार्काचार्य: सनातन के सूर्य (हिंदी संस्करण)
Nimbark Sampraday: Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition
Sanatan Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers
The Vaishnav Bairagi Kings of India: Warrior Saints of Sanatan Dharma
Rosary and the Throne: The Vaishnav Bairagi Rulers
The Royal Legacy of the Sanatan Vaishnav Bairagis
Ranbhoomi se Teerthbhoomi tak: Ek Sainik ki Amar Gatha
ये सभी ग्रंथ हार्डकवर, पेपरबैक तथा किंडल संस्करणों में उपलब्ध हैं और भारत सहित विश्वभर में पाठकों तक पहुँच रहे हैं। यह मेरे 18 वर्षों के शोध कार्य का प्रतिफल है, जो सनातन वैष्णव बैरागी संतों और योद्धाओं की गौरवशाली गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए समर्पित है।
टीम और शुभचिंतकों के प्रति आभार
इस पूरी यात्रा में समाज के अनेक विद्वानों, नेताओं, अधिकारियों और शुभचिंतकों का सहयोग सदैव मार्गदर्शक रहा है। मैं हृदय से सभी समाजबंधुओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके निरंतर सहयोग से यह कार्य सतत आगे बढ़ रहा है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि हम सभी इसी प्रकार एकजुट होकर समाज, राष्ट्र और सनातन संस्कृति की सेवा करते रहें।
📚 उपरोक्त सभी पुस्तकें Amazon पर उपलब्ध हैं। पूरी सूची व सीधे लिंक हेतु देखें मेरी वेबसाइट:
🌐 www.nareshswaminimbark.in
जय हिंद। जय भारत।
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
अंतर्राष्ट्रीय लेखक | शोधकर्ता | यू.एन. वेटरन
www.nareshswaminimbark.in
मीडिया प्रकाशन संदर्भ
यह समाचार AIMA Media (All India Media Association) पर प्रकाशित हो चुका है। पूरा समाचार पढ़ने हेतु:
https://aimamedia.org/newsdetails.aspx?type=Share&nid=713075

Internal linking suggestions
Related posts
दावों से नहीं, दस्तावेज़ों से बोलेगा इतिहास — सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा (वेदों से आधुनिक काल तक)
"दावों से नहीं, दस्तावेज़ों से बोलेगा इतिहास" — इसी उद्देश्य के साथ रचित यह ग्रन्थ सनातन वैष्णव बैरागी समाज के वैदिक कालखण्ड से लेकर आधुनिक भारत तक के गौरवशाली इतिहास को प्रामाणिक स्रोतों — वेद, उपनिषद्, पुराण, पांचरात्र साहित्य, शिलालेख, ताम्रपत्र तथा नृजातीय (ethnographic) अभिलेखों — के आधार पर प्रस्तुत करता है। लेखक नरेश दास वैष्णव निम्बार्क, भारतीय सेना के सेवानिवृत्त नायब सूबेदार एवं स्वतंत्र इतिहासकार, ने वर्षों के अनुशासित शोध से इस कृति को समाज को समर्पित किया है। क्या आप चाहेंगे कि मैं इसे थोड़ा और संक्षिप्त (होमपेज बैनर हेतु एक पंक्ति) या और विस्तृत (पूर्ण About Page) रूप में भी तैयार कर दूँ?
सनातन वैष्णव बैरागी: वो योद्धा संन्यासी जिन्हें इतिहास ने भुला दिया | नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
सनातन वैष्णव बैरागी — वो योद्धा संन्यासी जिन्होंने एक हाथ में माला और दूसरे में तलवार थामी। पूर्व सैनिक नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की कलम से विस्मृत इतिहास का वैश्विक शंखनाद।
Naresh Das Vaishnav Nimbark: Sanatan Vaishnav Bairagi History, Books & Research
सनातन वैष्णव बैरागी समाज के गौरव, वीर संतों और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरणादायक गाथाएँ अब घर बैठे निशुल्क पढ़ें। Naresh Das Vaishnav Nimbark की किताबें, शोध कार्य और मासिक पत्रिका 200+ देशों में उपलब्ध हैं।