पीपावाव धाम, गुजरात में श्री निम्बार्काचार्य जयंती महोत्सव एवं निम्बार्क संप्रदाय पर आधारित दो ऐतिहासिक पुस्तकों का विमोचन
29 नवंबर 2026 | सुबह 9:00 बजे
श्री रणछोड़राय मंदिर | पीपावाव धाम, तालुका राजुला, जिला अमरेली, गुजरात
॥ जय श्री राधे ॥
॥ जय जगतगुरु श्री निम्बार्काचार्य ॥
गुजरात की पावन धरती पर स्थित पीपावाव धाम में 29 नवंबर 2026 को श्री निम्बार्काचार्य जयंती महोत्सव के पावन अवसर पर निम्बार्क संप्रदाय के इतिहास, परंपरा और गौरव से जुड़ी दो पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा।
यह आयोजन मेरे लिए केवल पुस्तक विमोचन नहीं, बल्कि निम्बार्क संप्रदाय की ऐतिहासिक परंपरा और वैष्णव बैरागी विरासत को दस्तावेजों के माध्यम से समाज के सामने रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम से संबंधित वीडियो देखने हेतु लिंक: https://youtube.com/watch?v=vB56W3xx8Ag&si=wRxn18C1BzSTsVSE
स्नेहभरा निमंत्रण और आयोजन में सहयोग
इस आयोजन का स्नेहपूर्ण निमंत्रण बहन रामेश्वरी बेन निमावत की ओर से प्राप्त हुआ। निम्बार्क संप्रदाय की सेवा और प्रचार-प्रसार में गुजरात के निमावत परिवार के अनेक सदस्य सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
इस आयोजन के मुख्य आयोजक महंत श्री 108 महेशदास बापू जी हैं। साथ ही श्री भरतभाई निमावत, श्री नितिनभाई निमावत, श्री अश्विनभाई निमावत, श्री संदीपभाई निमावत और श्री जयनेंद्र निमावत का सहयोग उल्लेखनीय है।
विशेष प्रसन्नता की बात है कि ये सभी श्रद्धालु आयोजन का व्यय स्वयं वहन कर रहे हैं और सामान्य भक्तों से चंदा एकत्र किए बिना धार्मिक सेवा में योगदान दे रहे हैं। ऐसे सेवाभावी लोगों का सम्मान होना चाहिए, क्योंकि परंपरा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि समर्पण और सेवा से आगे बढ़ती है।
दो पुस्तकों का विमोचन एवं निःशुल्क वितरण
इस अवसर पर निम्बार्क संप्रदाय और वैष्णव बैरागी इतिहास से संबंधित मेरी दो पुस्तकें प्रस्तुत की जाएँगी—
जगतगुरु निम्बार्काचार्य : सनातन के सूर्य
जगतगुरु श्री निम्बार्काचार्य जी की आध्यात्मिक परंपरा, दर्शन और भक्ति-संदेश पर आधारित पुस्तक।
महंत बने महाराजा — दो बैरागी रियासतों की 200 वर्षों की गौरवगाथा
बैरागी परंपरा से जुड़ी दो ऐतिहासिक रियासतों के इतिहास और गौरव को सामने लाने का प्रयास।
दोनों पुस्तकों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। मेरा उद्देश्य पुस्तकों को बेचकर धन अर्जित करना नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, निम्बार्क संप्रदाय और वैष्णव बैरागी समाज के इतिहास को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना है।
मेरे साथ विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर मेरे साथ देश-विदेश में जाने-माने राष्ट्रकवि श्री प्रमोद रामावत ‘प्रमोद नीमच’ जी भी उपस्थित रहेंगे। उनका साहित्यिक योगदान और काव्य-प्रस्तुति इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगी।
लेखक का परिचय
मेरा जन्म हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के ग्राम रामनगर में एक किसान परिवार में हुआ। भारतीय सेना में लगभग 24 वर्ष 4 महीने देश की सेवा की। सैनिक जीवन में कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन विजय तथा संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के अंतर्गत सिएरा लियोन (अफ्रीका) में भी सेवा का अवसर मिला।
सेवानिवृत्ति के बाद बंदूक के स्थान पर कलम को अपना माध्यम बनाया। अब तक हिंदी और अंग्रेजी में 20 पुस्तकों का लेखन कर चुका हूँ। मेरा शोधकार्य सनातन धर्म, निम्बार्क संप्रदाय, वैष्णव बैरागी समाज, संत परंपरा, अखाड़ों और ऐतिहासिक अभिलेखों पर केंद्रित है।
मेरा विश्वास है—
“दस्तावेज पहले बोलेंगे, उसके बाद हम लिखेंगे। झूठ को कभी सच नहीं बनाएँगे।”
सैनिक जीवन में बंदूक से देश की रक्षा की; अब कलम के माध्यम से इतिहास और परंपरा के दस्तावेज समाज तक पहुँचाने का प्रयास कर रहा हूँ।
काव्य-पंक्तियों के साथ पीपावाव धाम की ओर
पहला प्रणाम उस बहन को, जिसने स्नेह से मुझे बुलाया,
बहन रामेश्वरी बेन निमावत ने, पीपावाव का न्योता भिजवाया।
अब ग्यारहवाँ पड़ाव पुकारे, पीपावाव धाम गुजरात,
उनतीस नवंबर, निम्बार्क जयंती, होगा फिर नया प्रभात।
निःशुल्क बँटेंगे दो ग्रंथ यहाँ, सनातन की यह सेवा है,
निम्बार्क संप्रदाय की गौरवगाथा, कलम की यह अभिलाषा है।
आयोजन का विवरण
दिनांक: 29 नवंबर 2026
समय: सुबह 9:00 बजे
स्थान: श्री रणछोड़राय मंदिर, पीपावाव धाम, तालुका राजुला, जिला अमरेली, गुजरात
अवसर: श्री निम्बार्काचार्य जयंती महोत्सव एवं दो पुस्तकों का विमोचन
मुख्य आयोजक: महंत श्री 108 महेशदास बापू जी
इस पावन आयोजन के लिए बहन रामेश्वरी बेन निमावत, निमावत परिवार के सभी सहयोगियों और महंत श्री 108 महेशदास बापू जी का हृदय से आभार।
आइए, श्री निम्बार्काचार्य जयंती के इस पावन अवसर पर भक्ति, ज्ञान, इतिहास और साहित्य के इस उत्सव के साक्षी बनें।
जय श्री राधे! जय निम्बार्काचार्य!
जय सनातन! जय वैष्णव बैरागी परंपरा!
— नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
लेखक | शोधकर्ता | इतिहासकार
सेवानिवृत्त मानद नायब सूबेदार, भारतीय सेना
वेबसाइट: https://www.nareshswaminimbark.in
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