मेरी अनुभव यात्रा: यूनाइटेड नेशंस शांति मिशन, सिएरा लियोन 2000

साल 2000 में मेरे द्वारा सिएरा लियोन में यूनाइटेड नेशंस शांति मिशन में सेवा करने का व्यक्तिगत अनुभव। ऑपरेशन खुकरी, भारतीय सेना की बहादुरी, जॉर्ज फर्नांडिस की यादगार मुलाकात और विदेशी धरती पर भारत की सेवा की गौरवपूर्ण कहानी।

युद्ध और सैन्य अनुभव / Peacekeeping & Military Experiences2 min read3/10/2026

मेरी अनुभव यात्रा: यूनाइटेड नेशंस शांति मिशन, सिएरा लियोन 2000
साल 2000 मेरे जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय था। मुझे पश्चिम अफ्रीकी देश सिएरा लियोन में यूनाइटेड नेशंस शांति मिशन में सेवा करने का सौभाग्य मिला।
हमारी यात्रा भारत से सिएरा लियोन तक लगभग 9,700 किलोमीटर की थी, और इसमें करीब 26 घंटे का हवाई सफर लगा। फ्रेटाउन, राजधानी शहर, पहुंचने के बाद हमने सभी औपचारिकताएं और मेडिकल जांच पूरी की, फिर हमें हेस्टिंग्स एयरपोर्ट क्षेत्र में तैनात किया गया।
लंबी उड़ान और हेलीकॉप्टर यात्रा मेरे लिए पूरी तरह नया अनुभव था। जब मैं हेलीकॉप्टर में बैठा, मेरे पुराने जीवन की यादें मेरे मन में आ गईं। उस समय मुझे एहसास हुआ कि जीवन एक व्यक्ति को कितनी दूर और नए अनुभवों तक ले जा सकता है।
ऑपरेशन खुकरी
उस समय, सिएरा लियोन गंभीर आंतरिक संघर्ष का सामना कर रहा था। संयुक्त राष्ट्र ने वहां यूनाइटेड नेशंस मिशन इन सिएरा लियोन (UNAMSIL) भेजा।
इस मिशन के दौरान सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन था ऑपरेशन खुकरी, जिसमें काइलाहुन क्षेत्र में फंसे भारतीय शांति सैनिकों को बचाने का काम किया गया। यह बहुराष्ट्रीय प्रयास भारत, घाना, यूनाइटेड किंगडम और नाइजीरिया की सेनाओं द्वारा किया गया।
5/8 गोरखा राइफल्स के भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय साहस और अनुशासन का प्रदर्शन किया। इस मिशन को भारतीय सेना द्वारा संयुक्त राष्ट्र के तहत किए गए सबसे सफल बचाव अभियानों में से एक माना जाता है।
रक्षा मंत्री का यादगार दौरा
ऑपरेशन की सफलता के बाद एक ऐसा पल आया जो हमेशा याद रहेगा। तत्कालीन भारत के रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस ने व्यक्तिगत रूप से सिएरा लियोन का दौरा किया और वहां तैनात भारतीय सैनिकों से मुलाकात की।
उन्होंने भारत से मालदा आमों से भरा एक पूरा विमान लाकर सैनिकों को उपहार स्वरूप दिया, जिससे विदेश में तैनात सैनिकों को अपने देश की याद आई। उनके व्यक्तिगत संवाद और सैनिकों के प्रति सम्मान ने हम सभी पर गहरा प्रभाव डाला।
एक विशेष पल जब वे मेरे कंधे पर हाथ रखकर हमसे बात कर रहे थे, वह मेरे दिल के बहुत करीब है। उस क्षण की एक तस्वीर अभी भी मेरे निजी एलबम में सुरक्षित है, जो उस समय की चुनौतियों, साहस और देश सेवा की गर्वपूर्ण यादों को जीवंत करती है।
व्यक्तिगत चिंतन
यह अनुभव मेरा व्यक्तिगत अनुभव है, किसी आधिकारिक सैन्य रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं। आज मेरा मुख्य कार्य सनातन धर्म, वैष्णव परंपरा, और वैष्णव बैरागी समुदाय के इतिहास पर लेखन करना है, लेकिन कभी-कभी सिएरा लियोन में बिताए गए दिन याद आ जाते हैं और इस लेख में उन यादों का प्रतिबिंब प्रस्तुत है।
✍️ नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
भारतीय सेना के पूर्व सैनिक और लेखक
🌐 www.nareshswaminimbark.in⁠�

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