उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के गंगोह क्षेत्र स्थित गांव Jehra के वीर सपूत लांस नायक राजेश बैरागी ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका बलिदान न केवल सहारनपुर, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है।
शहीद राजेश बैरागी वर्ष 1988 में भारतीय सेना में भर्ती हुए। सेवा के दौरान उन्होंने अनुशासन, साहस और वीरता का परिचय दिया और लांस नायक के पद तक पहुंचकर दुश्मन सेना का डटकर सामना किया। उनकी वीरता ने कारगिल की दुर्गम चोटियों पर अदम्य साहस का परिचय दिया और उन्हें वीरगति प्राप्त हुई।
कारगिल युद्ध में शहीद राजेश बैरागी ने अपने साथियों के साथ दुश्मन का सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके अदम्य साहस और देशभक्ति ने न केवल सेना में बल्कि पूरे देश में गर्व का भाव पैदा किया।
शहीद की पुण्यतिथि पर गांव Jehra में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान माहौल अत्यंत भावुक हो गया। माता-पिता ने अपनी आंखों से आंसू रोक नहीं पाए और पुष्पमालाएं अर्पित की। वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।
शहीद की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनकी प्रतिमा स्थापना की घोषणा की गई। इससे भविष्य की पीढ़ियां उनके शौर्य और बलिदान को सदैव स्मरण कर सकेंगी।
शहीद राजेश बैरागी का जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति, त्याग और साहस की अमर प्रेरणा है। आइए हम सब उनके अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति प्रेम को याद रखें और उन्हें नमन करें।
✍️ नरेश कुमार स्वामी निम्बार्क
(विशेष संवाददाता / सामाजिक सरोकार)
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