"जिन अंग्रेज़ों ने 1857 में वैष्णव संतों को फाँसी दी — आज उन्हीं की धरती लंदन में बिक रहा है उनका गौरवशाली इतिहास"

"सेवानिवृत्त नायब सूबेदार, कारगिल योद्धा व UN Peacekeeper नरेश दास वैष्णव निम्बार्क — निम्बार्क संप्रदाय, वैष्णव बैरागी परंपरा व स्वर्णप्रस्थ के प्रामाणिक इतिहास के अंतरराष्ट्रीय लेखक। 18+ पुस्तकें — 190 देशों में उपलब्ध।"

लेखक और शोधकर्ता / सनातन वैष्णव इतिहास4 min read

ब्रिटेन की धरती पर सनातन का विजय ध्वज
एक कारगिल योद्धा की कलम ने रच दिया इतिहास

वर्ष 1999 — कारगिल की बर्फीली चोटियों पर एक भारतीय सैनिक ने तिरंगे की रक्षा की।
वर्ष 2000 — सिएरा लियोन में उग्रवादियों ने बंदी बनाया — मृत्यु को आँखों में देखा।
उसी क्षण बंदूक छूट गई — और कलम उठ गई।

आज वही कलम लंदन की Foyles — ब्रिटेन की सर्वाधिक प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक पुस्तक संस्था, जो सन् 1903 से ब्रिटिश साहित्य जगत का गढ़ रही है — उस पावन धरती पर विराजमान है जहाँ कभी हमारे इतिहास को दबाने का षड्यंत्र रचा गया था।
वही ब्रिटेन —
जिसने 1857 की क्रांति में वैष्णव संत-योद्धाओं को फाँसी दी
जिसने हमारे निम्बार्क संप्रदाय के इतिहास को जानबूझकर विकृत किया
जिसने वैष्णव बैरागी योद्धाओं को 'विद्रोही' और 'डाकू' लिखा
जिसने सनातन परंपरा को मिटाने का शताब्दियों तक षड्यंत्र रचा
आज उसी ब्रिटेन की धरती पर —
निम्बार्क संप्रदाय का सत्य विराजमान है
वैष्णव बैरागी परंपरा की विजय पताका फहरा रही है
एक भारतीय फ़ौजी की कलम ने इतिहास रच दिया

तीन ऐतिहासिक पुस्तकें — जो विश्व का दृष्टिकोण बदल रही हैं
1. Nimbark Sampraday — Vaishnav Bairagi Tradition
(अंग्रेज़ी भाषा में — वैश्विक पाठकों के लिए)

निम्बार्क संप्रदाय के उस गौरवशाली इतिहास का प्रामाणिक दस्तावेज़ — जिसे शताब्दियों तक मुख्यधारा के इतिहास ने जानबूझकर उपेक्षित रखा। यह पुस्तक न केवल एक संप्रदाय का इतिहास है, अपितु सनातन धर्म की उस अखंड परंपरा का प्रमाण है जो हर आघात के बाद और सुदृढ़ होकर उठती है।
जगद्गुरु निम्बार्काचार्य की दिव्य एवं अखंड परंपरा का प्रामाणिक विवरण
वैष्णव बैरागी योद्धाओं का 200 वर्षों का गौरवशाली शासनकाल
ब्रिटिश गोपनीय अभिलेखों में दबाया गया ऐतिहासिक सत्य
राधा-कृष्ण भक्ति की शास्त्रसम्मत एवं प्रामाणिक व्याख्या
विश्व के 190 देशों में पठनीय — Amazon KDP पर उपलब्ध
"यह पुस्तक नहीं — यह सनातन की जलती हुई मशाल है।"

2. रामनगर — 422 वर्षों का अनसुना इतिहास
(वह गाँव — जिसे इतिहास ने भुला दिया, जिसे एक फ़ौजी की कलम ने जगाया)

हरियाणा के सोनीपत जिले की गन्नौर तहसील का एक छोटा-सा गाँव — रामनगर। परंतु इसका इतिहास किसी साम्राज्य से कम नहीं। 422 वर्षों की अखंड वैष्णव परंपरा को एक सेवानिवृत्त सैनिक ने अपनी कलम की साधना से पुनर्जीवित किया है।
422 वर्षों की अखंड वैष्णव परंपरा का प्रामाणिक एवं विस्तृत दस्तावेज़
वे वीर संत और योद्धा — जो किसी पाठ्यपुस्तक में नहीं मिलते
ब्रिटिश शासन के विरुद्ध ग्रामीण प्रतिरोध की अनसुनी गाथा
एक फ़ौजी पुत्र की कलम से — अपनी माटी को सच्चा और हृदयस्पर्शी नमन
"जो गाँव इतिहास की किताबों में नहीं था — आज वह 190 देशों में पढ़ा जा रहा है।"

3. स्वर्णप्रस्थ की गाथा — 3526 वर्ष पुराना महाभारतकालीन नगर सोनीपत
(रोम की स्थापना से भी पहले!)

जब रोम की नींव का पहला पत्थर भी नहीं रखा गया था — तब स्वर्णप्रस्थ अर्थात् आज का सोनीपत पहले से ही सभ्यता की जीवंत धड़कन था। यह पुस्तक उस गौरवशाली सत्य को विश्व के सामने रखती है जिसे आधुनिक इतिहासकारों ने सदैव अनदेखा किया।
महाभारत काल से जुड़े शास्त्रीय एवं पुरातात्विक प्रमाण
3526 वर्षों की अखंड भारतीय सभ्यता का जीवंत और प्रामाणिक दस्तावेज़
कुरुक्षेत्र की पावन धरती से जुड़ी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक कड़ियाँ
वह गौरवशाली सत्य — जो हर सोनीपतवासी की पहचान और अभिमान है
"हमारी सभ्यता रोम से पुरानी है — अब यह सत्य सम्पूर्ण विश्व जानेगा।"

लेखक परिचय — नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
हरियाणा के सोनीपत जिले की गन्नौर तहसील के रामनगर गाँव में जन्मे नरेश दास वैष्णव निम्बार्क का जीवन स्वयं एक महाकाव्य है। एक सैनिक से इतिहासकार तक की यह यात्रा — बंदूक से कलम तक — सनातन धर्म की उस परंपरा का प्रतीक है जो सेवा, साधना और सत्य के तीन स्तंभों पर टिकी है।
सेवानिवृत्त नायब सूबेदार — भारतीय सेना (24 वर्षों की निष्ठापूर्ण राष्ट्रसेवा — 1984 से 2008)
कारगिल युद्ध विजेता — ऑपरेशन विजय (1999) में प्रत्यक्ष भागीदारी
UN Peacekeeper — सिएरा लियोन (2000) — उग्रवादियों की बंदी से जन्मी कलम की साधना
18 वर्षों से अधिक का स्वतंत्र ऐतिहासिक शोध — अभिलेखागारों पर आधारित
18 से अधिक पुस्तकें — Amazon KDP (अंग्रेज़ी) व Notion Press (हिंदी) पर प्रकाशित
190 देशों तक विस्तृत पाठक वर्ग — अंतरराष्ट्रीय लेखक के रूप में मान्यता
मासिक पत्रिका 'सनातन भारत — नया सवेरा' का संपादन एवं प्रकाशन (निःशुल्क)

"बंदूक की छाँव में जिसने राष्ट्र की देह को सींचा,
कलम उठाकर उसने सनातन के सत्य को अमर किया।"

अपनी प्रति आज ही प्राप्त करें
Foyles, London — Click & Collect (£5.17) — ब्रिटेन के समस्त Foyles स्टोर से उपलब्ध
Amazon KDP — विश्वभर में डिजिटल एवं मुद्रित प्रारूप में उपलब्ध
Notion Press — हिंदी पुस्तकें भारत में उपलब्ध

www.nareshswaminimbark.in

सनातन था। सनातन है। सनातन रहेगा।
जय श्री राधे राधे! जय श्री कृष्णा!

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