स्वतंत्रता सेनानी देशराज बैरागी – मुंडलाना (सोनीपत) के वीर सपूत

हरियाणा के सोनीपत जिले के मुंडलाना गाँव में जन्मे स्वतंत्रता सेनानी देशराज बैरागी का जीवन परिचय, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, सम्मान और समाज सेवा की प्रेरक गाथा पढ़ें।

स्वतंत्रता संग्राम / स्वतंत्रता सेनानी2 min read2/17/2026

🇮🇳 स्वतंत्रता सेनानी देशराज बैरागी
हरियाणा के वीर सपूत और राष्ट्रभक्त सेनानी
भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल बड़े नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों गुमनाम और क्षेत्रीय वीरों के त्याग और बलिदान से भी बना है। ऐसे ही एक सम्मानित राष्ट्रभक्त थे स्वतंत्रता सेनानी देशराज बैरागी जी, जिनका जीवन संघर्ष, साहस और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।
🌿 जन्म एवं प्रारंभिक जीवन
देशराज बैरागी जी का जन्म हरियाणा राज्य के जिला सोनीपत के गाँव मुंडलाना में हुआ था।
बाल्यकाल से ही उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। बचपन में ही माता-पिता का साया उठ जाने के बाद भी उन्होंने धैर्य और साहस नहीं छोड़ा।

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वे स्वभाव से दृढ़ निश्चयी, जिंदादिल और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत व्यक्तित्व थे।
👨‍👩‍👦 पारिवारिक पृष्ठभूमि
देशराज बैरागी जी और डॉ. रामचंद्र बैरागी आपस में मामा-बुआ के भाई थे।
माता-पिता के देहांत के पश्चात वे अपने परिजनों के साथ गाँव भापड़ौदा, तहसील बहादुरगढ़, जिला झज्जर (हरियाणा) में रहने लगे।
उन्होंने आजीवन विवाह नहीं किया और एक साधारण जीवन व्यतीत करते हुए स्वयं को राष्ट्र और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
🇮🇳 स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
देशराज बैरागी जी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भाग लिया।
विदेशी शासन के विरुद्ध आंदोलनों में शामिल होने के कारण उन्हें अनेक यातनाएँ सहनी पड़ीं।
उनके त्याग और बलिदान को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने उन्हें ताम्रपत्र प्रदान किया।
केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उन्हें स्वतंत्रता सेनानी पेंशन भी प्रदान की गई।
यह सम्मान उनके राष्ट्रप्रेम और संघर्ष का सजीव प्रमाण है।
🌸 व्यक्तित्व एवं समाज सेवा
आजीवन अविवाहित रहे
सादा जीवन, उच्च विचार
समाज सेवा के प्रति पूर्ण समर्पण
बैरागी समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास
स्वतंत्रता के बाद भी उन्होंने समाज सेवा का कार्य जारी रखा और बैरागी समाज में जागरूकता एवं संगठन के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
📖 पुस्तक में उल्लेख
स्वतंत्रता सेनानी देशराज बैरागी जी का उल्लेख मेरी पुस्तक “यात्रा बंदूक से कलम तक” में भी किया गया है, जिसमें उनके जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को उजागर करती है।
🌟 निष्कर्ष
देशराज बैरागी जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सच्ची देशभक्ति त्याग, अनुशासन और सेवा में निहित होती है।
ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करना और उनके आदर्शों को अपनाना हमारा नैतिक कर्तव्य है।
✍ लेखक
Naresh Kumar Swami Nimbark
Author | Journalist | Researcher | Ex-Serviceman
🌐 Website: www.nareshswaminimbark.in�
जय हिंद 🇮🇳
जय भारत 🇮🇳

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